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एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेताओं को 'वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2027' में सीधी एंट्री मिलेगी

एशियन गेम्स 2026 के मेडलिस्ट भारत के लिए एलए 2028 ओलंपिक में क्वालीफाई करने का शानदार मौका
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नई दिल्ली, 16 सितंबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले मुक्केबाजों को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का शानदार मौका मिलेगा। ऐसे खिलाड़ियों को 2027 में कजाकिस्तान में होने वाली विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में सीधे प्रवेश दिया जाएगा, जो लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए पहला क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होगा।

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) ने लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक खेलों के लिए ज्यादा से ज्यादा बॉक्सरों को क्वालीफाई कराने पर केंद्रित एक विस्तृत सिलेक्शन पॉलिसी जारी की है। यह पॉलिसी 'वर्ल्ड बॉक्सिंग' द्वारा विकसित और इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (आईओसी) द्वारा मंजूर किए गए क्वालिफिकेशन सिस्टम पर आधारित चार-चरणों वाला तरीका बताती है।

'वर्ल्ड बॉक्सिंग' के नियमों के अनुसार, 2027 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप पहला क्वालीफाइंग इवेंट होगा, इसके बाद चीन में एशियाई क्वालीफायर और 2028 में दो वर्ल्ड क्वालीफाइंग टूर्नामेंट होंगे।

बीएफआई के क्वालिफिकेशन सिस्टम के अनुसार, 8 दिसंबर 2025 को जारी सिलेक्शन नियमों को आगे बढ़ाते हुए 2027-28 के लिए सिलेक्शन नियम जारी किए हैं। चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ये विवरण जारी किए गए हैं।

बीएफआई की तरफ से जारी सर्कुलर में कहा गया है, "एशियन गेम्स 2026 के मेडलिस्ट को उनके संबंधित वेट कैटेगरी में मुख्य एंट्री के तौर पर चुना जाएगा। 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट उस वेट कैटेगरी में रिजर्व एंट्री के तौर पर रहेंगे।"

जिन भार वर्ग में भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कोई मेडल नहीं जीता है, और साथ ही एलए 2028 ओलंपिक की उन भार वर्ग के लिए जो एशियन गेम्स 2026 का हिस्सा नहीं थे, 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट को मुख्य एंट्री के तौर पर चुना जाएगा।

जो बॉक्सर कोटा बाउट राउंड तक पहुंचने के बावजूद वर्ल्ड चैंपियनशिप में कोटा हासिल नहीं कर पाते, उन्हें एशियाई क्वालीफायर में सीधी एंट्री मिलेगी। बॉक्सर के तय तरीकों से नेशनल कोचिंग कैंप में शामिल होने के बाद, बाकी स्लॉट एलीट नेशनल कैंपर्स के बीच रैंकिंग सिलेक्शन ट्रायल के जरिए भरे जाएंगे।

इटली और हंगरी में होने वाले 2028 के दो वर्ल्ड क्वालीफाइंग टूर्नामेंट के लिए भी इसी तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

नेशनल कोचिंग कैंप की शुरुआत 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के मेडलिस्ट, एशियन गेम्स के मेडलिस्ट और पॉलिसी में बताए गए नियमों के अनुसार बीएफआई सिलेक्शन कमेटी की तरफ से चुने गए वाइल्ड कार्ड खिलाड़ियों के साथ होगी। नॉन-ओलंपिक वेट कैटेगरी के लिए, 10वीं एलीट नेशनल चैंपियनशिप के गोल्ड मेडलिस्ट 2027 वर्ल्ड चैंपियनशिप में मुख्य एंट्री होंगे, जबकि सिल्वर मेडलिस्ट रिजर्व खिलाड़ी होंगे।

--आईएएनएस

आरएसजी