West Bengal Politics : एसआईआर का मकसद पारदर्शिता लाना है: गुलाम अली खटाना

एसआईआर विवाद पर भाजपा सांसद खटाना का हमला, बोले- पारदर्शिता के लिए जरूरी है पुनरीक्षण
एसआईआर का मकसद पारदर्शिता लाना है: गुलाम अली खटाना

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विवाद जारी है। सीएम ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) इसका विरोध कर रही है, जिसे लेकर प्रदेश की मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी हमलावर है। इस बीच भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने ममता सरकार पर निशाना साधा।

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "टीएमसी इस विषय पर कोर्ट में जाए या चुनाव आयोग से इस विषय पर बात करे। एसआईआर का एक ही मकसद पारदर्शिता है। जो अवैध प्रवासी हैं, अगर वे उनके मतदाता हैं, तो उन्हें इस विषय पर चिंता होनी चाहिए। अगर टीएमसी ने गलत वोट बनाए हैं तो यह बहुत गलत है। जिन लोगों की मृत्यु हो गई है, अगर वे भी मतदान करते हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"

उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल खड़ा करने पर विपक्ष की आलोचना की और कहा, "भारत का निर्वाचन आयोग पूरी दुनिया की सबसे बड़ी स्वायत्त संस्था है। इस मामले में पारदर्शिता रहे, जिसके लिए एसआईआर जरूरी है।"

भाजपा सांसद ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ बढ़ाने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "भारत दुनिया की एक बड़ी ताकत बनने जा रहा है। यह एक उभरता देश है, जिसका अगुवाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं। भारत को किसी की डिक्टेशन की जरूरत नहीं है। हम बराबर का व्यापार करते हैं। हम खुले हैं, न कि किसी के बंधुआ मजदूर हैं।"

खटाना ने दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज होने और दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की निंदा की। उन्होंने कहा, "देश के खिलाफ सोचना, नारे लगाना या तोड़ने के खिलाफ कानून अपना काम करता है, जिसमें कड़ी सजा के प्रावधान होते हैं। यह दुनिया के किसी भी देश में होता है।"

--आईएएनएस

 

 

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