MP Young Interns Program : मध्य प्रदेश कैबिनेट का फैसला, सरकारी योजनाओं पर युवा रखेंगे नजर

एमपी सरकार का बड़ा फैसला, 4860 युवा योजनाओं की निगरानी करेंगे; हर महीने मिलेगा 10 हजार रुपये मानदेय
मध्य प्रदेश कैबिनेट का फैसला, सरकारी योजनाओं पर युवा रखेंगे नजर

भोपाल: मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके मुताबिक 4860 युवा सरकारी योजनाओं पर नजर रखेंगे और इन्हें सरकार की ओर से हर माह मानदेय दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में तय किया गया कि मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस प्रोग्राम के तहत मध्य प्रदेश के प्रत्येक ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन किया जाएगा।

चयनित युवाओं को एक वर्ष के लिए इंटर्न के रूप में अनुबंधित किया जाएगा और यह योजना तीन वर्षों तक संचालित होगी।इस कार्यक्रम के माध्यम से डिजिटलीकरण द्वारा विभिन्न योजनाओं से जुड़े आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।युवाओं का चयन अटल बिहारी सुशासन संस्थान द्वारा किया जाएगा। इस फैसले के मुताबिक प्रदेश में लगभग 4860 युवा इंटर्न के रूप में कार्य करेंगे, जो सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और फीडबैक देने का कार्य करेंगे। इन युवाओं को 10 हजार प्रति माह मानदेय दिया जाएगा।

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा पूर्व में घोषित किए गए गेहूं के समर्थन मूल्य पर 40 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दिए जाने के फैसले को मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल है। इसमें मध्य प्रदेश सरकार ने पहली बार 40 रुपये का बोनस जोड़कर 2625 रुपये प्रति क्विंटल पर खरीद करने का निर्णय लिया है। वहीं उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस देने का निर्णय लिया गया है।

राज्य में स्वामित्व योजना के अंतर्गत 46 लाख परिवारों को चिन्हित किया गया है, जिनके पास अपने स्वामित्व के दस्तावेज नहीं हैं। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि उनकी जो रजिस्ट्री करवाई जाएगी, उसका स्टांप शुल्क माफ किया जाएगा।इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग 3000 करोड़ रुपए का वित्तीय भार आएगा।

कैबिनेट की बैठक में बताया गया कि पंचमढ़ी को जर्मनी द्वारा “ग्रीन डेस्टिनेशन” के रूप में प्रमाणित किया गया है। यह मध्य प्रदेश के पर्यटन विकास के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। वहीं, कैबिनेट ने सात विभागों की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए 33,240 करोड़ रुपए की मंजूरी दी । मैहर, कैमूर और निमरानी में अस्पतालों में स्टाफ के रूप में 51 पदों की उपलब्धता राज्य सरकार द्वारा सुनिश्चित करने की स्वीकृति दी गई है।

--आईएएनएस

 

 

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