Delhi Pink Card Rule : पिंक कार्ड अनिवार्य करने पर बोले सौरभ भारद्वाज, महिलाओं को लाइनों में लगने पर किया मजबूर

पिंक कार्ड अनिवार्य होने पर सौरभ भारद्वाज का आरोप, महिलाओं को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।
पिंक कार्ड अनिवार्य करने पर बोले सौरभ भारद्वाज, महिलाओं को लाइनों में लगने पर किया मजबूर

नई दिल्ली: दिल्ली में बसों में महिलाओं की मुफ्त यात्रा के लिए पिंक कार्ड अनिवार्य किए जाने के फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार पर निशाना साधा। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस फैसले को महिलाओं के लिए परेशानी खड़ी करने वाला कदम बताया है।

आप नेता ने कहा कि सरकार के इस फैसले के कारण महिलाओं को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है।

सौरभ भारद्वाज ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर पिंक कार्ड बनवाने के लिए केंद्रों के बाहर लगी महिलाओं की लंबी कतारों के वीडियो साझा किए। उन्होंने कहा कि सरकार के इस फैसले ने दिल्ली की महिलाओं को बेवजह परेशानी में डाल दिया है। पहले सभी महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा आसानी से मिल रही थी और व्यवस्था ठीक तरह से चल रही थी, लेकिन अब पिंक कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके कारण महिलाओं को कार्ड बनवाने के लिए केंद्रों पर लंबी-लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इस कदम से खासतौर पर गरीब और कामकाजी महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाएं अपने कामकाज और घरेलू जिम्मेदारियों के बीच समय निकालकर घंटों लाइन में खड़ी रहने को मजबूर हैं।

उन्होंने कहा कि जब पहले से ही महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिल रही थी और सब कुछ सही तरीके से चल रहा था तो फिर पिंक कार्ड अनिवार्य करने की क्या जरूरत थी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बताए कि इस नए नियम से महिलाओं को ऐसा कौन सा अतिरिक्त फायदा मिलेगा, जो पहले नहीं मिल रहा था।

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जिस तरह नोटबंदी के दौरान पूरे देश को लाइनों में लगना पड़ा था, उसी तरह अब दिल्ली की महिलाओं को पिंक कार्ड बनवाने के लिए घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले के पीछे राजनीतिक सोच है और इससे खासकर उत्तर प्रदेश, बिहार और हरियाणा से दिल्ली में रहने वाली गरीब महिलाओं को मिलने वाली सुविधा प्रभावित होगी।

आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि सरकार इस फैसले पर पुनर्विचार करे और महिलाओं को बिना किसी अतिरिक्त औपचारिकता के पहले की तरह बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

--आईएएनएस

 

 

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