नई दिल्ली, 14 सितंबर (आईएएनएस)। सोमवार को जारी साप्ताहिक डब्ल्यूटीए रैंकिंग में बेलारूस की एरीना सबालेंका से आगे निकलने के बाद एलेना रिबाकिना आधिकारिक तौर पर विश्व की नई नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी बन गई हैं।
हाल ही में खत्म हुए यूएस ओपन क्वार्टर फाइनल में किनवेन झेंग को हराने के बाद ही रिबाकिना का टॉप स्पॉट पक्का हो गया था। कजाकिस्तान की स्टार खिलाड़ी ने फाइनल में सबालेंका को हराकर इस टूर्नामेंट का समापन किया। रिबाकिना सिंगल्स रैंकिंग में वर्ल्ड नंबर 1 बनने वाली कजाकिस्तान की पहली (पुरुष या महिला) खिलाड़ी बन गई हैं। पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन के कारण वह सबालेंका के काफी करीब बनी रहीं, जबकि बेलारूसी टेनिस स्टार का फॉर्म सीजन के बीच में थोड़ा गिर गया था।
जहां सीजन के बीच में सबालेंका की लय बिगड़ी, वहीं रिबाकिना पिछले साल के आखिर से ही टॉप पर पहुंचने की ओर बढ़ रही थीं। उन्होंने इस साल सीजन के बीच में नॉर्थ अमेरिकन हार्ड-कोर्ट स्विंग पर शानदार प्रदर्शन किया और उसके बाद 'बिग एप्पल' (न्यूयॉर्क) में भी सफलता हासिल की। नंबर 1 पोजीशन पक्का होने पर रिबाकिना ने प्रतिक्रिया दी थी। डब्ल्यूटीए के अनुसार, रिबाकिना ने कहा, "यह इतिहास है, और मुझे कजाकिस्तान का प्रतिनिधित्व करने पर बहुत गर्व है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं प्रोफेशनल बनूंगी या इतने बड़े मंचों पर इस तरह के टूर्नामेंट खेलूंगी।"
यूएस ओपन के फाइनल में कजाकिस्तान की खिलाड़ी से हारने के बाद सबालेंका ने रिबाकिना के टॉप पर आने पर प्रतिक्रिया दी। जब उन्हें बताया गया कि वह 99 हफ्तों तक टॉप स्पॉट पर रहीं, तो उन्होंने मजाक में पूछा कि क्या रिबाकिना इस मामले में उन्हें हरा सकती हैं। उन्होंने कहा, "देखते हैं कि क्या एलेना मुझे इसमें हरा सकती हैं। अगर वह इसी तरह खेलती रहीं, तो हां, मैं मुश्किल में पड़ सकती हूं।"
रिबाकिना ने सबालेंका को 6-4, 5-7, 6-2 से हराकर अपना पहला यूएस ओपन खिताब जीता था। खिताब जीतने के बाद रिबाकिना ने कहा, "यह सच में अविश्वसनीय है। मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा है। मतलब, मेरे पास शब्द नहीं हैं।"
कजाकिस्तान की इस खिलाड़ी ने टूर्नामेंट से पहले सात दिनों तक अपने रैकेट को हाथ भी नहीं लगाया था और बताया कि न्यूयॉर्क में उनकी तैयारी बिल्कुल भी अच्छी नहीं थी। उन्होंने कहा, "किसी तरह, हम हर दिन कोई न कोई रास्ता खोजने की कोशिश कर रहे थे और उन चुनौतियों का सामना कर रहे थे जो हर सुबह मेरे सामने आती थीं। टूर्नामेंट से पहले सात दिनों तक मैंने अपने रैकेट को छुआ तक नहीं था।"
कई मुश्किलों और अनिश्चितताओं के बावजूद रिबाकिना ने शानदार वापसी करते हुए खिताब जीता। खास बात यह रही कि उन्होंने टूर्नामेंट से पहले सिर्फ चार दिन ही अभ्यास किया था। रिबाकिना ने कहा, "मैंने सिर्फ चार दिन प्रैक्टिस की थी। मुझे खुद पर पूरा भरोसा था और मैं अपनी टीम के साथ लगातार रणनीति पर चर्चा कर रही थी। कनाडा और सिनसिनाटी में खेलने के अनुभव ने भी मदद की। कई चीजें मेरे पक्ष में रहीं। सच कहूं तो मुझे खुद भी हैरानी हो रही है कि मैं खिताब जीतने में सफल रही।"
--आईएएनएस
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