STT Increase Impact : एसटीटी में बदलाव से लंबी अवधि के निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन : बीएसई सीईओ

BSE CEO और वित्त विशेषज्ञों ने बजट 2026 में एसटीटी बदलाव को निवेश के लिए सकारात्मक बताया
एसटीटी में बदलाव से लंबी अवधि के निवेश को मिलेगा प्रोत्साहन : बीएसई सीईओ

मुंबई: सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (एसटीटी) में बदलाव से निवेशक शेयर बाजार में लंबी अवधि के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। साथ ही इससे बाजार में लिक्विडिटी में भी बढ़त होगी। यह जानकारी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के एमडी और सीईओ सुंदरारमन राममूर्ति की ओर से रविवार को दी गई।

राममूर्ति ने बयान में कहा कि यह केंद्रीय बजट भारत को भविष्य के निवेश गंतव्य के रूप में तैयार करता है। इससे पूंजीगत बाजार अधिक गहरे एवं ज्यादा संतुलित होंगे और यह देश की लंबी अवधि की आर्थिक प्राथमिकता के अनुरूप है।

यह बजट विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें पूंजी निर्माण, राजकोषीय अनुशासन और बुनियादी ढांचे, विनिर्माण, सेवाओं और लघु एवं मध्यम उद्यमों जैसे प्रमुख विकास स्तंभों की उन्नति पर विशेष जोर दिया गया है।

उन्होंने आगे कहा, "बजट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 12 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च से पूरी अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।"

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के चेयरमैन और सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल ने कहा कि यह बजट भारत के डिजिटल भविष्य के लिए एक मास्टरस्ट्रोक है।

उन्होंने एक बयान में कहा, “पूंजी बाजारों पर एसटीटी के प्रभाव के बारे में हमें यथार्थवादी होना चाहिए। एसटीटी में वृद्धि और डिविडेंड सेट-ऑफ को हटाने से बाजारों में कमजोरी देखी जा रही है। इससे कई हाई-फ्रीक्वेंसी और आर्बिट्रेज ट्रेड अव्यवहार्य हो जाएंगे, जिससे अल्पावधि में बाजार की तरलता और लीवरेज पर दबाव पड़ेगा।”

अग्रवाल ने आगे कहा, “लेकिन विवेकपूर्ण 4.3 प्रतिशत राजकोषीय घाटे और 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत व्यय के साथ, दीर्घकालिक आय ही भारत के लिए असली हीरो है।”

बजट 2026 में फ्यूचर्स पर एसटीटी को मौजूदा 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। ऑप्शंस पर अब एसटीटी बढ़कर 0.15 प्रतिशत होगा।

इसके अलावा, सरकार ने बायबैक में शेयर सरेंडर करने पर सभी प्रकार के शेयरधारकों को होने वाले फायदे को कैपिटन गेन में लाने का प्रस्ताव रखा है। इससे अब बायबैक से होने वाली आय पर अधिक टैक्स लगेगा।

बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक पर लगने वाले टैक्स पर कहा कि नए संरचना के अंतर्गत कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर प्रभावी रूप से 22 प्रतिशत का टैक्स लगेगा और नॉन-कॉरपोरेट प्रमोटर्स पर बायबैक लेनदेन के लिए 30 प्रतिशत का टैक्स लगेगा।

--आईएएनएस

 

 

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