मुंबई, 7 सितंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (जीएफएफ) 2026 के सातवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। चार दिनों तक चलने वाला यह आयोजन दुनिया के सबसे बड़े वार्षिक फिनटेक सम्मेलनों में से एक माना जाता है, जिसमें नीति-निर्माता, नियामक संस्थाएं, बैंक, वित्तीय कंपनियां, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, निवेशक और शिक्षाविद हिस्सा लेंगे।
8 से 11 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम उभरती प्रौद्योगिकियों और वित्तीय समावेशन में उनकी भूमिका पर केंद्रित रहेगा। वर्ष 2020 में शुरू होने के बाद से ग्लोबल फिनटेक फेस्ट वैश्विक वित्तीय नवाचार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के भविष्य पर चर्चा के प्रमुख मंच के रूप में विकसित हुआ है।
इस वर्ष 'जीएफएफ 2026' का विषय "पोटेंशियल टू इम्पैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम-ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इन्क्लूसिव फाइनेंस" रखा गया है।
कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), प्रोग्रामेबल फाइनेंस, क्वांटम तकनीक, डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवाओं के भविष्य जैसे विषयों पर व्यापक मंथन होगा।
सोमवार को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि जीएफएफ 2026 को नीति, नियमन, प्रौद्योगिकी, निवेश और उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सम्मेलन का फोकस इस बात पर रहेगा कि एजेंटिक एआई और अन्य उन्नत तकनीकों का उपयोग कर नागरिकों, व्यवसायों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए अधिक विश्वसनीय, समावेशी और प्रभावशाली वित्तीय समाधान कैसे तैयार किए जा सकते हैं।
बयान के अनुसार, भारत पहले ही डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान बना चुका है। यूपीआई, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और फिनटेक नवाचारों की सफलता ने भारत को इस क्षेत्र में अग्रणी देशों में शामिल कर दिया है। जीएफएफ 2026 में इन उपलब्धियों को अगले स्तर तक ले जाने की रणनीतियों पर भी चर्चा होगी।
इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में मुंबई को केवल भारत की वित्तीय राजधानी ही नहीं, बल्कि देश की फिनटेक राजधानी के रूप में स्थापित करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि पारंपरिक बैंकिंग और पूंजी बाजार को आधुनिक डिजिटल अवसंरचना के साथ जोड़कर मुंबई एक मजबूत और एकीकृत फिनटेक इकोसिस्टम के रूप में उभर रही है।
फडणवीस के अनुसार, महाराष्ट्र स्टार्टअप, वेंचर फंडिंग और यूनिकॉर्न कंपनियों की संख्या के मामले में देश में अग्रणी है, जिसमें फिनटेक कंपनियों का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य वर्तमान में भारत की 60 प्रतिशत से अधिक डेटा सेंटर क्षमता का घर है, जो डिजिटल वित्तीय सेवाओं के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करती है।
राज्य सरकार ने फिनटेक क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए विशेष नीतियां लागू की हैं, जिनमें प्लग-एंड-प्ले पार्क, सिंगल विंडो मंजूरी व्यवस्था और तेज भूमि आवंटन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा, प्रशासन एआई इनोवेशन पार्क, साइबर सुरक्षा केंद्र और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी पहलों के जरिए वित्तीय प्रौद्योगिकी क्षेत्र को नई तकनीकों से जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
उद्योग विभाग के सूत्रों के अनुसार, ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 न केवल भारत के डिजिटल वित्तीय नेतृत्व को और मजबूत करेगा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम तकनीक और टोकनाइजेशन जैसे क्षेत्रों में नए वैश्विक सहयोग और निवेश अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
--आईएएनएस
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