नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के वरिष्ठ अधिकारियों को सरकार के सामने पेश होकर पीएम नरेंद्र मोदी की उस पोस्ट के लिए विस्तृत जवाब देने को कहा है, जिस पर कुछ समय के लिए फेसबुक ने अस्थाई रोक लगा दी थी। यह बैठक अगले सात से 10 दिनों के बीच हो सकती है।
इस मामले को लेकर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस.कृष्णन ने कहा कि सरकार मामले को पूरी तरह से समझने के लिए मेटा से नीतिगत स्तर और तकनीकी स्तर दोनों प्रकार का स्पष्टीकरण लेना चाहती है।
उन्होंने कहा, "भारत अपनी चिंताएं सीधे मेटा तक पहुंचाना चाहता है और उन हालात के बारे में पूरी जानकारी चाहता है जिनकी वजह से यह अस्थायी रोक लगाई गई थी।"
कृष्णन ने बताया, "मेटा ने इस घटना पर पहले ही खेद जताया है और सरकार को शुरुआती स्पष्टीकरण दिया है। हालांकि, केंद्र सरकार ने और अधिक विस्तृत स्पष्टीकरण मांगा है, जिसमें यह भी शामिल है कि कंपनी ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए क्या उपाय कर रही है।"
यह नया कदम सरकार द्वारा मेटा के एक सीनियर अधिकारी को बुलाए जाने के एक दिन बाद उठाया गया है। यह बुलावा प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट पर अस्थायी रोक लगने के बाद भेजा गया था।
इस पोस्ट में भारत के युवाओं को संबोधित किया गया था और पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के सरकार के संकल्प को दोहराया गया था।
हालांकि मेटा ने इस घटना को तकनीकी खराबी बताया और माफी मांगी, लेकिन सरकार का कहना था कि अब तक दिया गया स्पष्टीकरण अपर्याप्त है और इसकी और जांच की जरूरत है।
23 जुलाई को पोस्ट किए गए वीडियो में, पीएम मोदी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार नीट परीक्षा के पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है।
कृष्णन के अनुसार, मेटा ने सरकार को सूचित किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उसने 28 जुलाई से एक नया प्रोटोकॉल लागू किया है।
इस अपडेटेड प्रोसेस में प्रधानमंत्री और अन्य हाई-प्रोफाइल अकाउंट्स द्वारा पब्लिश किए जाने वाले कंटेंट की अतिरिक्त निगरानी शामिल है। कंपनी का मकसद अनजाने में लगाई जाने वाली रोक के खिलाफ सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है।