एनपीसीआई और एचएसबीसी इंडिया के बीच बड़ी साझेदारी, अब विदेश में यूपीआई भुगतान होगा और आसान; मिलेगा रियल-टाइम फॉरेक्स रेट

एनपीसीआई और एचएसबीसी इंडिया के बीच बड़ी साझेदारी, अब विदेश में यूपीआई भुगतान होगा और आसान; मिलेगा रियल-टाइम फॉरेक्स रेट

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय यात्रियों के लिए अंतरराष्ट्रीय डिजिटल भुगतान को और अधिक आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने बुधवार को एचएसबीसी इंडिया के साथ रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी के तहत अब सीमा-पार (क्रॉस-बॉर्डर) यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ट्रांजैक्शन के लिए रियल-टाइम विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) सेटलमेंट की सुविधा उपलब्ध होगी।

इस साझेदारी के तहत एचएसबीसी इंडिया डायरेक्ट एपीआई इंटीग्रेशन के माध्यम से रियल-टाइम फॉरेक्स रेट उपलब्ध कराएगा, जिससे विदेश में खरीदारी करते समय ग्राहक भुगतान के समय ही यह देख सकेंगे कि उन्हें भारतीय रुपए (आईएनआर) में कितनी राशि चुकानी होगी।

एनपीसीआई के अनुसार, यह पहल अंतरराष्ट्रीय यूपीआई भुगतान को अधिक पारदर्शी और तेज बनाएगी। इससे विदेशों में मौजूद व्यापारी और वित्तीय संस्थान अपनी स्थानीय मुद्रा में भुगतान प्राप्त कर सकेंगे, जबकि भारतीय ग्राहकों को सटीक विनिमय दर का लाभ मिलेगा।

इस साझेदारी से सीमा-पार भुगतान प्रणाली की दक्षता बढ़ेगी और दुनिया भर में भारत के डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम को अपनाने की गति भी तेज होगी।

एनपीसीआई के प्रवक्ता ने कहा कि एचएसबीसी के साथ यह साझेदारी सीमा-पार भुगतान के लिए प्रभावी विदेशी मुद्रा रूपांतरण और रियल-टाइम सेटलमेंट उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि इससे ग्राहकों को अधिक पारदर्शी भुगतान अनुभव मिलेगा और अंतरराष्ट्रीय भुगतान पहले से अधिक सुविधाजनक बनेंगे। साथ ही यह भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर स्वीकार्यता दिलाने में भी मदद करेगा।

एचएसबीसी इंडिया के वैश्विक भुगतान नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय क्षमताओं से समर्थित यह एपीआई-आधारित व्यवस्था चौबीसों घंटे सुरक्षित और तेज सीमा-पार भुगतान सुनिश्चित करेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय यूपीआई लेनदेन पहले की तुलना में अधिक तेज, सरल और भरोसेमंद बनेंगे।

वर्तमान में भारतीय यूपीआई सेवा सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नेपाल, भूटान, मॉरीशस, फ्रांस, श्रीलंका, कतर और कंबोडिया सहित कुल नौ देशों में उपलब्ध है। इन देशों में भारतीय ग्राहक अपने घरेलू बैंक खाते से सीधे रुपए में क्यूआर कोड स्कैन कर भुगतान कर सकते हैं।

एनपीसीआई भारत में रिटेल डिजिटल भुगतान प्रणाली का प्रमुख संस्थान है। इसने यूपीआई, रुपे, आईएमपीएस, एनएसीएच, एनईटीसी, एईपीएस और ईआरयूपीआई जैसी कई महत्वपूर्ण डिजिटल भुगतान सेवाओं का विकास किया है। यह संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) के मार्गदर्शन में कार्य करती है।

--आईएएनएस

डीबीपी