भारत में मजबूत निजी खपत से अर्थव्यवस्था को मिल रही रफ्तार: आरबीआई गवर्नर

भारत में मजबूत निजी खपत से अर्थव्यवस्था को मिल रही रफ्तार: आरबीआई गवर्नर

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसलों का ऐलान करते हुए कहा कि देश में निजी खपत मजबूत बनी हुई है। पूंजीगत निवेश, निर्माण और बैंक क्रेडिट जैसे सूचकांक इस ओर इशारा कर रहे हैं कि देश में निवेश बढ़ रहा है। इन सभी कारकों से वैश्विक अस्थिरता के बीच भी देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिल रही है।

आरबीआई गवर्नर ने आगे कहा कि बाहरी मांग भी बनी हुई है, क्योंकि सर्विस निर्यात में अच्छी बढ़ोतरी के साथ-साथ वस्तु निर्यात में भी सुधार हुआ।

उन्होंने कहा कि आगे चलकर, दुनिया भर में आर्थिक हालात में उतार-चढ़ाव का असर देश की आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है।

मल्होत्रा ​​ने कहा, "ऊर्जा की कीमतें और आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव अभी भी अधिक और अनिश्चित बने हुए हैं। सप्लाई से जुड़े कई उपायों से इनके बुरे असर को रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, हालात अभी भी बदल रहे हैं, लेकिन अल-नीनो की वजह से दक्षिण-पश्चिम मानसून की कमी और असमान बारिश से कृषि सेक्टर और ग्रामीण इलाकों में मांग को लेकर कुछ जोखिम पैदा हो गए हैं।"

उन्होंने बताया कि इसके बावजूद, फसल विविधीकरण और जल संचयन व संरक्षण जैसी सरकारी पहलों से इस असर को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा, सर्विस सेक्टर में लगातार तेजी, जीएसटी में सुधार का जारी असर और रोजगार की स्थिर स्थिति से शहरी मांग को समर्थन मिलता रहेगा।

मल्होत्रा ​​ने कहा, "क्षमता का भरपूर इस्तेमाल, क्रेडिट का अच्छा प्रवाह और इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का लगातार जोर निवेश गतिविधियों को बनाए रखेगा। साथ ही, सर्विस निर्यात के बने रहने की उम्मीद है, वहीं हालिया ट्रेड एग्रीमेंट और विविधीकरण पर जोर से वस्तु निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।"

मजबूत घरेलू मांग, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस गतिविधियों में लगातार विस्तार और अच्छे निर्यात से विकास को समर्थन मिल रहा है, जिससे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

--आईएएनएस

एबीएस