US Iran Conflict : ईरान के सामने दो रास्ते परमाणु समझौता करे या फिर आर्थिक संकट झेले: अमेरिकी रक्षा सचिव

ईरान पर अमेरिकी दबाव बढ़ा, नौसैनिक कार्रवाई से तेल आपूर्ति और वैश्विक बाजार में चिंता
ईरान के सामने दो रास्ते परमाणु समझौता करे या फिर आर्थिक संकट झेले: अमेरिकी रक्षा सचिव

वॉशिंगटन: अमेरिका ने शुक्रवार को कहा कि ईरान पर उसकी बढ़ती नौसैनिक नाकेबंदी हर घंटे और सख्त होती जा रही है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दावा किया कि ईरान के सामने अब सिर्फ दो रास्ते हैं या तो वह परमाणु समझौता करे या फिर लगातार अमेरिकी दबाव के कारण आर्थिक रूप से बड़ा संकट झेले।

पेंटागन में पत्रकारों से बात करते हुए हेगसेथ ने कहा, “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” ने कुछ ही हफ्तों में निर्णायक सैन्य नतीजे दिए हैं। उन्होंने इसे पुराने समय के लंबे और बिना नतीजे वाले युद्धों से अलग बताया, जो वर्षों और दशकों तक चलते रहे।

हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी नौसेना ओमान की खाड़ी से लेकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र तक कड़ी नाकाबंदी लागू कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले हर जहाज को अगर नियमों का उल्लंघन करते पाया गया, तो वापस भेज जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस समय 34 गैर-ईरानी जहाजों को आने-जाने की अनुमति दी गई है और कई जहाज गुजर भी चुके हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में एक दूसरा विमानवाहक युद्धपोत भी इस अभियान में शामिल होगा।

ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष वायुसेना जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी सेना पहले ही जरूरत पड़ने पर ताकत इस्तेमाल करने की क्षमता दिखा चुकी है। उन्होंने बताया कि इस हफ्ते एक बड़े कंटेनर जहाज ने बार-बार चेतावनी को नजरअंदाज किया। सभी उपाय करने के बाद सेंट्रल कमांड ने जहाज को निष्क्रिय करने के लिए गोली चलाने की अनुमति दी। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर फायर किया और फिर मरीन सैनिकों ने जहाज पर कब्जा कर लिया।

उन्होंने बताया कि वह जहाज और उसका चालक दल अब अमेरिकी नियंत्रण में सुरक्षित है।

पेंटागन ने यह भी कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ईरान के प्रतिबंधित तेल शिपमेंट को रोका गया है, जिसमें हिंद-प्रशांत और हिंद महासागर क्षेत्र के बड़े तेल टैंकर भी शामिल हैं। जनरल केन ने कहा क‍ि हम ऐसे समुद्री रोकथाम अभियान आगे भी जारी रखेंगे।

हेगसेथ ने कहा कि यह नाकाबंदी अब बढ़ती जा रही है और वैश्विक स्तर पर फैल रही है। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज स्‍ट्रेट से कोई भी जहाज अमेरिकी नौसेना की अनुमति के बिना नहीं गुजर सकता।

उन्होंने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर आरोप लगाया कि वे “समुद्री डाकुओं” और की तरह व्यवहार करते हैं और वाणिज्यिक जहाजों पर हमले करते हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता फैलती है।

अमेरिका ने यह भी कहा कि उसने ईरान की उन तेज नावों पर भी कार्रवाई की अनुमति दी है जो समुद्र में बारूदी सुरंगें लगा रही थीं। हेगसेथ ने कहा क‍ि अगर ईरान पानी में बारूदी सुरंगें लगाता है, तो हम उन्हें बिना हिचक नष्ट कर देंगे।

उन्होंने अमेरिका के सहयोगी देशों, खासकर यूरोप से कहा कि उन्हें समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा में ज्यादा भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा क‍ि अब मुफ्त में फायदा उठाने का समय खत्म हो गया है, क्योंकि यूरोप और एशिया काफी हद तक होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले तेल पर निर्भर हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का जिक्र करते हुए हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति समझौते को लेकर बहुत उत्सुक नहीं हैं, लेकिन अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को सच्चे और जांच योग्य तरीके से छोड़ देता है, तो बातचीत की संभावना खुली है।

जनरल केन ने कहा कि अमेरिकी सेना किसी भी बड़े सैन्य अभियान के लिए तैयार है और हालात तेजी से बदल रहे हैं।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है। होर्मुज स्‍ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का एक बहुत अहम रास्ता है, जहां से वैश्विक समुद्री कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट से दुनिया भर के ऊर्जा बाजार और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।

--आईएएनएस

 

 

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