वाशिंगटन: अमेरिका के वॉशिंगटन में हुई गोलीबारी में एक महिला सैनिक की मौत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफगानिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते नजर आ रहे हैं। ताजा मामले में अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने अफगान वीजा पर रोक लगा दी है।
इसी सप्ताह अफगानिस्तान के एक शख्स ने व्हाइट हाउस के पास गोलीबारी की, जिसमें दो नेशनल गार्ड्स बुरी तरह से घायल हो गए। इलाज के दौरान एक महिला सैनिक की मौत हो गई और दूसरे का इलाज जारी है।
मार्को रुबियो ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विदेश विभाग ने अफगान पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले सभी लोगों के लिए वीजा जारी करने पर रोक लगा दी है। अमेरिका के लिए हमारे देश और हमारे लोगों की सुरक्षा से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं है।"
अमेरिकी एजेंसी ने एक बयान में कहा, "संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग ने अफगान पासपोर्ट पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए वीजा जारी करने पर तुरंत रोक लगा दी है।"
गोलीबारी की घटना में 29 साल के संदिग्ध रहमानुल्लाह लकनवाल का नाम सामने आया है। अमेरिकी फोर्स ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गोलीबारी के दौरान अमेरिकी फोर्स की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में लकनवाल घायल हो गया था। बाद में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया है कि शख्स पूर्व की जो बाइडेन सरकार के कार्यकाल में ऑपरेशन अलाइज वेलकम के तहत 2021 में अमेरिका आया था। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शूटर ने पिछले साल अमेरिका में शरण के लिए आवेदन दिया था और इस साल की शुरुआत में उसे इसकी स्वीकृति मिल गई थी।
अमेरिका की एफबीआई एजेंसी इस गोलीबारी की घटना की जांच आतंकवाद के एक एक्ट के तहत कर रही है। लकनवाल पहले अफगानिस्तान में अमेरिकी फोर्स के साथ काम कर चुका था।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अफगानिस्तानी लोगों के माइग्रेशन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह तीसरी दुनिया के देशों से माइग्रेशन हमेशा के लिए रोकने की तैयारी कर रहे हैं।
--आईएएनएस
