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दक्षिण कोरिया चाहता है कि युद्धकालीन सैन्य कमान अमेरिका से वापस मिले, रक्षा मंत्री पद के उम्मीदवार का बड़ा बयान

दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री पद के उम्मीदवार का बडा़ बयान, चाहते हैं युद्धकालीन कमान वापस मिले
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सियोल, 11 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्री पद के उम्मीदवार कांग शिन-चुल ने शुक्रवार को कहा कि सियोल अमेरिका से युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल बिना किसी अतिरिक्त शर्त के वापस लेना चाहता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बातचीत "नो एडेड कंडीशंस" यानी बिना किसी नई शर्त के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है।

संसदीय पुष्टि सुनवाई से पहले सांसद यू योंग-वोन को दिए लिखित जवाब में कांग ने कहा कि रक्षा मंत्रालय इसी सिद्धांत के आधार पर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय परामर्श कर रहा है। कांग दक्षिण कोरिया-अमेरिका संयुक्त बल कमान (सीएफसी) के पूर्व उप कमांडर रह चुके हैं।

दक्षिण कोरिया की ली जे-म्युंग सरकार 2030 में अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले, या संभव हो तो अगले साल ही, युद्धकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में लेना चाहती है।

दक्षिण कोरिया ने 1994 में शांतिकालीन ऑपरेशनल कंट्रोल वापस हासिल कर लिया था, लेकिन युद्धकालीन कमान अब भी अमेरिका के पास है। 2007 में दोनों देशों ने अप्रैल 2012 तक ओपीसीओएन हस्तांतरण पर सहमति बनाई थी, लेकिन उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों के कारण यह प्रक्रिया कई बार टल गई।

अक्टूबर 2014 में दोनों देशों ने "कंडीशंस-बेस्ड" ट्रांजिशन योजना अपनाई, जिसके तहत दक्षिण कोरिया को भविष्य की संयुक्त कमान का नेतृत्व करने, उत्तर कोरिया के खतरे से निपटने की क्षमता विकसित करने और अनुकूल क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल सुनिश्चित करने जैसी शर्तें पूरी करनी थीं।

हालांकि, ओपीसीओएन हस्तांतरण की समयसीमा को लेकर सियोल और वॉशिंगटन के बीच मतभेद बने हुए हैं। अमेरिकी सेना के कोरिया कमांडर जनरल जेवियर ब्रुनसन ने कहा है कि राजनीतिक जल्दबाजी सैन्य तैयारी पर हावी नहीं होनी चाहिए।

कांग ने इन मतभेदों को ज्यादा बड़ा मानने से इनकार करते हुए कहा कि दोनों पक्ष उच्चस्तरीय चैनलों के जरिए लगातार करीबी बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियुक्ति के बाद वह इस साल होने वाली प्रमुख द्विपक्षीय रक्षा बैठक से पहले संयुक्त बल कमान की फुल ऑपरेशनल कैपेबिलिटी प्रमाणन प्रक्रिया पूरी कराने की दिशा में काम करेंगे।

उत्तर कोरिया को लेकर कांग ने स्पष्ट कहा कि दक्षिण कोरिया का दुश्मन उत्तर कोरियाई शासन और उसकी सेना है। उन्होंने कहा कि जो भी दक्षिण कोरिया की सुरक्षा, नागरिकों और संपत्ति के लिए खतरा पैदा करेगा, उसे दुश्मन माना जाएगा।

कांग ने यह भी कहा कि तत्काल ओपीसीओएन हस्तांतरण की स्थिति में भी दक्षिण कोरिया अपनी रक्षा करने में सक्षम है, लेकिन इसके लिए दक्षिण कोरिया-अमेरिका गठबंधन में पारस्परिक विश्वास बनाए रखना जरूरी होगा।

--आईएएनएस

डीएससी