Advertisement banner

तियानजिन और बिश्केक के बाद नई दिल्ली में भी पीएम मोदी और पुतिन के बीच दिखी 'कार डिप्लोमेसी'

मोदी-पुतिन की गर्मजोशी भरी दोस्ती की नई कहानी
तियानजिन

नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। एक बार फिर अपनी गर्मजोशी भरी दोस्ती का मजबूत प्रदर्शन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में द्विपक्षीय चर्चा खत्म करने के तुरंत बाद एक ही कार में सवार होकर इनोप्रॉम प्रदर्शनी देखने पहुंचे।

यह प्रदर्शनी दोनों देशों के उद्योग और व्यापार मंत्रालयों द्वारा आयोजित की जाती है।

दोनों नेताओं ने इसी तरह की दोस्ती 31 अगस्त को किर्गिस्तान में भी दिखाई थी, जब बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बातचीत के बाद वे एक ही कार में विश्व नोमैड खेलों के उद्घाटन समारोह में गए थे।

पिछले साल भी पीएम मोदी और पुतिन चीन के तियानजिन में एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठक स्थल तक एक ही कार में गए थे। विश्लेषकों ने इसे पीएम मोदी की 'कार डिप्लोमेसी' करार दिया और यह सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया।

शुक्रवार को नई दिल्ली में बैठक के दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। तिरुक्कुरल, महान भारतीय तमिल कवि और दार्शनिक तिरुवल्लुवर द्वारा लिखित एक क्लासिक तमिल ग्रंथ है, जिसमें 1,330 छोटे दोहे हैं, जिन्हें कुरल कहा जाता है और इसे दुनिया की महानतम साहित्यिक कृतियों में से एक माना जाता है।

प्रत्येक कुरल सात शब्दों से बना होता है। यह पुस्तक, जिसमें गुण, धन और प्रेम पर शिक्षाएं हैं, अपनी सार्वभौमिकता और धर्मनिरपेक्ष प्रकृति के लिए जानी जाती है। पुस्तक का रूसी अनुवाद नायरा मकर्टचयान ने किया है।

इस तमिल साहित्यिक खजाने ने प्रसिद्ध रूसी लेखक लियो टॉल्स्टॉय सहित कई विदेशी विद्वानों को भी प्रेरित और प्रभावित किया है।

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, "राष्ट्रपति पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया, जो महान तिरुवल्लुवर के शाश्वत ज्ञान को भाषाओं और सीमाओं के पार ले जाता है।"

बैठक के दौरान रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव और कई अन्य अधिकारी मौजूद थे।

--आईएएनएस

केके/एबीएम