Hormuz Strait Crisis : दक्षिण कोरिया-ईरान में बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट पर सुरक्षित आवाजाही शुरू करने की अपील

होर्मुज स्ट्रेट संकट पर सियोल-तेहरान वार्ता, 26 जहाजों की सुरक्षित वापसी की मांग
दक्षिण कोरिया-ईरान में बातचीत, होर्मुज स्ट्रेट पर सुरक्षित आवाजाही शुरू करने की अपील

सियोल: दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने शनिवार को अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की और होर्मुज स्‍ट्रेट से फिर से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही शुरू करने की अपील की।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, बातचीत के दौरान चो ह्यून ने कहा कि दक्षिण कोरिया और दूसरे देशों के जहाज अभी भी इस अहम समुद्री रास्ते में फंसे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सुरक्षित आवाजाही दोबारा शुरू होना बहुत जरूरी है।

उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल हो, क्योंकि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। वहीं, अराघची ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर ईरान का पक्ष रखा।

यह बातचीत दोनों मंत्रियों के बीच तीसरी बार हुई है, जब से फरवरी के आखिर में अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद यह तनाव शुरू हुआ था। मंत्रालय के मुताबिक, इस बार की बातचीत ईरान की तरफ से पहल करके की गई।

युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज स्‍ट्रेट में दक्षिण कोरिया के कुल 26 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 170 से ज्यादा लोग सवार हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल की शुरुआत में युद्धविराम की समय-सीमा बढ़ा दी थी और ईरान से एक ठोस शांति प्रस्ताव देने को कहा था। साथ ही, उन्होंने ईरान पर नौसैनिक घेराबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए दबाव भी बढ़ाया।

ट्रंप ने शुक्रवार को (अमेरिका समय के अनुसार) कहा कि वे ईरान के नए प्रस्ताव से संतुष्ट नहीं हैं। पिछले महीने पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच हुई पहली सीधी बातचीत भी बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई थी।

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने 29 अप्रैल को कहा कि उनका देश अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत समुद्री रास्तों की आजादी और सभी जहाजों की सुरक्षा का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी बताया कि इन सिद्धांतों के आधार पर ईरान के साथ बातचीत जारी है।

इससे पहले अप्रैल में दक्षिण कोरिया ने कुवैत में अपने पूर्व राजदूत चुंग ब्युंग-हा को विशेष दूत बनाकर ईरान भेजा था, ताकि फंसे हुए जहाजों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके।

--आईएएनएस

 

 

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