नई दिल्ली, 9 सितंबर (आईएएनएस)। भारत ने सऊदी अरब पर हूती विद्रोहियों के हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने बुधवार को इसे लेकर बयान जारी किया।
हूती विद्रोहियों के हमले को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में एमईए प्रवक्ता ने कहा कि सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हुए हमलों की भारत निंदा करता है, खासकर आम नागरिकों और आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया जाना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले, जो क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदेब में आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करते हैं, स्वीकार्य नहीं हैं।
मंगलवार को यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कई नागरिक और आर्थिक ठिकानों पर हमले किए। हमले में 73 लोगों के घायल होने की पुष्टि स्थानीय प्रशासन ने की। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उनके दक्षिणी हिस्से में मौजूद कई ऊर्जा और तेल कारखानों को निशाना बनाया गया।
वहीं, हूती विद्रोहियों का आरोप है कि सऊदी अरब ने उनकी एक जेल पर हमला किया जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई।
यमन के ज्यादा आबादी वाले और उत्तरी हिस्सों पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की जिम्मेदारी ली। विद्रोहियों के अनुसार उन्होंने सीमा के करीब स्थित आभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, किंग खालिद एयर बेस और सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के आभा और जिजान में मौजूद ठिकानों को निशाना बनाया।
हमलों के बाद सऊदी अरब ने सख्त जवाबी कार्रवाई करने की चेतावनी दी। सऊदी अधिकारियों और मीडिया के मुताबिक, इन हमलों की वजह से कई तेल कारखानों में आग लग गई और कुछ समय के लिए वहां कामकाज रोकना पड़ा।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद तेल ठिकानों को आग की लपटों में घिरा हुआ देखा जा सकता है।
जुलाई में यमन का चार साल पुराना युद्धविराम टूटने के बाद से यह हूती की ओर से किया गया सबसे भीषण हमला है। सऊदी विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा है कि देश अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
--आईएएनएस
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