कोलंबो, 10 सितंबर (आईएएनएस)। जापान एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) का फाइटर एयरक्राफ्ट पहली बार भारत पहुंचा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने खुशी जताते हुए इसे दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी के लिए एक "महत्वपूर्ण मील का पत्थर" बताया।
सिंह ने कहा कि 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन' भारत और जापान के बीच तालमेल को और मजबूत करते हैं।
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "भारत-जापान रक्षा साझेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर! जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा इंडो-पैसिफिक में शांति और स्थिरता के प्रति हमारे बढ़ते भरोसे और साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। पिछले महीने नई दिल्ली में हमारी बहुत ही सार्थक बातचीत के बाद, 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन' जैसी आपसी यात्राओं का आदान-प्रदान इस तालमेल को और बल प्रदान करता है।"
उन्होंने यह बयान जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी द्वारा साझा की गई एक पोस्ट के जवाब में दिया, जिसमें उन्होंने जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा का जिक्र किया था।
कोइजुमी ने कहा कि भारतीय फाइटर एयरक्राफ्ट की जापान यात्रा के तीन साल बाद जेएएसडीएफ फाइटर एयरक्राफ्ट की भारत की पहली यात्रा, फाइटर एयरक्राफ्ट की आपसी यात्राओं के साकार होने का प्रतीक है।
एक्स पर एक पोस्ट में कोइजुमी ने लिखा, "एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स के फाइटर एयरक्राफ्ट ने पहली बार भारत का दौरा किया। तीन साल पहले भारतीय वायु सेना के अपने फाइटर एयरक्राफ्ट के साथ जापान की पहली यात्रा के बाद, यह फाइटर एयरक्राफ्ट की आपसी यात्राओं के साकार होने का प्रतीक है।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले महीने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ हुई बैठक में भी, हमने इस बात पर सहमति जताई थी कि यह ट्रेनिंग जापान-भारत रक्षा सहयोग को गहरा करने का प्रतीक है। मुझे यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि फ्रंटलाइन यूनिट्स के बीच आदान-प्रदान और संयुक्त ट्रेनिंग के माध्यम से जापान-भारत रक्षा सहयोग लगातार विकसित हो रहा है।"
'एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026' भारतीय वायु सेना और जापानी एयर सेल्फ-डिफेंस फोर्स (जेएएसडीएफ) के बीच 9-22 सितंबर तक जोधपुर में आयोजित की जा रही है। जेएएसडीएफ का एफ-2 'एक्सरसाइज वीर गार्डियन 2026' में भाग लेने के लिए जोधपुर पहुंचा।
भारतीय वायुसेना इस अभ्यास में कई फ्रंटलाइन कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ भाग ले रही है, जिनमें स्वदेशी लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस, एसयू-30 एमकेI और राफेल शामिल हैं। 14 दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास के दौरान, इसमें शामिल वायु सेना के जवान एडवांस्ड ऑपरेशनल मिशन को अंजाम देंगे और बड़े पैमाने पर पेशेवर बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इस कार्यक्रम में मिशन की योजना बनाने से जुड़ी बैठकें, विषय के जानकारों का आदान-प्रदान और इंजीनियरिंग व एयरोस्पेस सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर कर्मियों के बीच बातचीत शामिल है, जिससे दोनों वायु सेनाओं के बीच गहरा ऑपरेशनल तालमेल बनेगा।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "अभ्यास 'वीर गार्डियन-26' टैक्टिकल कुशलता और एयरोस्पेस ऑपरेशनल तालमेल को बेहतर बनाकर भारत और जापान के बीच गहरी होती रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है। यह अभ्यास दोनों देशों के बीच दोस्ती और रणनीतिक सहयोग के पुराने रिश्तों को और मजबूत करता है।"
--आईएएनएस
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