PM Vishwakarma Scheme : चार्ल्स एम. शुल्ज और ‘पीनट्स', जिन्होंने दशकों तक उम्मीदों को रखा बरकरार

पीएम विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण, प्रशिक्षण, टूलकिट और ऋण वितरण की जानकारी
कॉमिक इतिहास का स्वर्णिम अध्याय: चार्ल्स एम. शुल्ज और ‘पीनट्स', जिन्होंने दशकों तक उम्मीदों को रखा बरकरार

नई दिल्ली: कॉमिक स्ट्रिप 'पीनट्स' के चार्ली ब्राउन, स्नूपी, लूसी सरीखे किरदारों ने एक दौर को बच्चा बनाए रखा तो अगले ही पल जिंदगी की छोटी-बड़ी समस्याओं को सुलझाने का मौका मुहैया करा दिया। लगभग 5 दशक तक इसने पीढ़ियों को अपने मोहपाश में बांधे रखा, लेकिन फिर आया वो दिन जब इसे भी अपने अंजाम तक पहुंचा दिया गया। इस कॉमिक स्ट्रिप को लिखने वाले की अंतिम इच्छा भी यही थी!

13 फरवरी 2000 को इसके रचनाकार चार्ल्स एम. शुल्ज का निधन हो गया और लोगों को गुदगुदाने के साथ ही अपनी समझ को कुरेदने पर मजबूर करने वाली प्रभावी शैली का अंत हो गया।

77 वर्ष की आयु में रचयिता चार्ल्स एम. शुल्ज का निधन हो गया। उनका देहांत कैंसर संबंधित जटिलताओं के कारण हुआ और इसके साथ ही लगातार पांच दशक से छप रही ‘पीनट्स’ कॉमिक स्ट्रिप का भी अंत हो गया। यह एक ऐसा क्षण था जिसने न केवल कॉमिक जगत को, बल्कि वैश्विक लोकप्रिय संस्कृति को भी गहरे रूप में प्रभावित किया।

चार्ल्स मोनरो शुल्ज का जन्म 26 नवंबर 1922 को मिनेसोटा, अमेरिका में हुआ था। बचपन से ही उन्हें चित्रकारी और कार्टून बनाने का शौक था। 2 अक्टूबर 1950 को ‘पीनट्स’ कॉमिक स्ट्रिप पहली बार प्रकाशित हुई थी। शुरुआत में यह कुछ ही अखबारों में छपी, लेकिन धीरे-धीरे इसकी लोकप्रियता बढ़ी और यह दुनिया भर के 2,000 से अधिक अखबारों में प्रकाशित होने लगी। करोड़ों पाठक प्रतिदिन इस कॉमिक का इंतजार करते थे।

‘पीनट्स’ की खासियत उसकी सरल रेखाचित्र शैली और गहरे मानवीय भाव थे। चार्ली ब्राउन, स्नूपी, लूसी, लिनस और सैली जैसे पात्र बच्चों की दुनिया से जुड़े दिखाई देते थे, लेकिन उनके संवादों और स्थितियों में वयस्क जीवन की जटिलताओं, असुरक्षाओं और उम्मीदों की झलक मिलती थी।

चार्ली ब्राउन का बार-बार असफल होना, फिर भी आशा न छोड़ना, पाठकों को जीवन के संघर्षों से जूझने की प्रेरणा देता था। वहीं स्नूपी का कल्पनाशील और स्वतंत्र स्वभाव उसे कॉमिक इतिहास के सबसे लोकप्रिय पात्रों में शामिल कर गया।

शुल्ज की रचनात्मकता की एक बड़ी विशेषता यह थी कि उन्होंने लगभग 18,000 से अधिक स्ट्रिप्स खुद लिखीं और चित्रित भी किया। उन्होंने किसी सहायक कलाकार की मदद नहीं ली, जो कॉमिक जगत में एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है। ‘पीनट्स’ पर आधारित टेलीविजन स्पेशल, एनिमेटेड फिल्में और मर्चेंडाइज ने इसे वैश्विक ब्रांड का रूप दे दिया। ‘ए चार्ली ब्राउन क्रिसमस’ जैसे कार्यक्रमों को एमी और पीबॉडी जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार भी मिले।

1999 में शुल्ज ने स्वास्थ्य कारणों से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनके बाद कोई और कलाकार ‘पीनट्स’ को आगे नहीं बढ़ाएगा। 12 फरवरी 2000 को ‘पीनट्स’ की अंतिम मूल स्ट्रिप प्रकाशित हुई और अगले ही दिन 13 फरवरी को उनका निधन हो गया। यह एक प्रतीकात्मक संयोग था, जिसने इस श्रृंखला के अंत को और भी मार्मिक बना दिया।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...