मेलबर्न, 9 जुलाई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित मार्वल स्टेडियम में आयोजित ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत, रक्षा क्षमताओं और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया भारत के रक्षा प्लेटफॉर्म की क्षमता और विश्वसनीयता को पहचान रही है, जिसकी झलक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी देखने को मिली।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "भारत के डिफेंस प्लेटफॉर्म की कैपेबिलिटी और क्रेडिबिलिटी दुनिया देख रही है। आपने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डेमो तो देखा ही होगा। धमाके आतंकियों के अड्डों पर हो रहे थे और गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही थी।" उन्होंने कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने में सक्षम है और उसकी रक्षा क्षमताओं पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।
30 हजार से अधिक भारतीय मूल के लोगों की मौजूदगी वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत तेजी से दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने चंद्रयान मिशन का उल्लेख करते हुए कहा, "आपने देखा है कि भारत ने मून के साउथ पोल पर चंद्रयान उतारा है। दुनिया में कोई और देश ऐसा नहीं कर पाया। भारत अब अपना गगनयान भेजने की तैयारी कर रहा है। भारत अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में 5जी नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है और देश के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से तक इसकी पहुंच बन चुकी है। उन्होंने डिजिटल परिवर्तन, वैक्सीन मैत्री, वैश्विक संकटों के दौरान राहत अभियानों और आत्मनिर्भर भारत जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि टाटा समूह ऑस्ट्रेलियाई रॉकेट के जरिए उपग्रह प्रक्षेपित करने की दिशा में काम कर रहा है, जो दोनों देशों के तकनीकी सहयोग का नया उदाहरण है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की सराहना करते हुए कहा कि मेलबर्न में कई ऐसे इलाके हैं जिन्हें लोग 'लिटिल इंडिया' या 'मिनी इंडिया' के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि चाहे नाम कोई भी हो, इन स्थानों में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की झलक साफ दिखाई देती है।
उन्होंने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की मजबूती का श्रेय प्रवासी भारतीयों को देते हुए कहा, "इन रिश्तों को मजबूत बनाने में सबसे बड़ी भूमिका मेरी नहीं, बल्कि आप सभी की है।" उन्होंने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच सबसे मजबूत कड़ी बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने खेलों में भारत की बढ़ती उपलब्धियों का भी उल्लेख किया और कहा कि देश में विशेष रूप से बेटियों के लिए खेलों के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की तैयारियों का भी जिक्र किया।
कार्यक्रम में मौजूद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने भी प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए भारतीय समुदाय को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच "जीवंत पुल" बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत नेतृत्व और दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत होती व्यापक रणनीतिक साझेदारी और दोनों देशों के लोगों के बीच गहरे होते संबंधों का प्रतीक बनकर उभरा।
--आईएएनएस
केआर/






