वॉशिंगटन, 10 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका ने ट्रांस-कैस्पियन ट्रेड रूट पर प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए 201 मिलियन डॉलर का एक फंड शुरू किया है। यह कदम उस समय उठाया गया है, जब अमेरिका, अपनी मध्यस्थता में हुए आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते को क्षेत्रीय परिवहन और आर्थिक कॉरिडोर में बदलने की दिशा में काम कर रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की कि ट्रांस-कैस्पियन एंटरप्राइज फंड अब आधिकारिक तौर पर काम करना शुरू कर चुका है। इसके लिए एक नया निदेशक मंडल चुना गया है और इसे अमेरिकी सरकार की ओर से पूंजी उपलब्ध कराई गई है।
रुबियो ने कहा, "मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि ट्रांस-कैस्पियन एंटरप्राइज फंड पूरी तरह से शुरू हो चुका है। इसका नेतृत्व नए चुने गए निदेशक मंडल के हाथों में है और इसे अमेरिकी सरकार की ओर से 201 मिलियन डॉलर की फंडिंग दी गई है, ताकि दक्षिण कॉकेशस और मध्य एशिया में ट्रांस-कैस्पियन ट्रेड रूट (मिडिल कॉरिडोर) के साथ निजी क्षेत्र के निवेश को बढ़ावा मिल सके।"
यह घोषणा उस संयुक्त घोषणा की पहली वर्षगांठ पर की गई, जिस पर आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने व्हाइट हाउस में हस्ताक्षर किए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों नेताओं की मेजबानी की थी और इस समझौते पर हस्ताक्षर होते देखा था। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि इस पहल ने दक्षिण कॉकस में दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त किया और 'ट्रंप रूट फॉर इंटरनेशनल पीस एंड प्रॉस्पेरिटी' (टीआरआईपीपी) नाम की नई परियोजना की शुरुआत की।
प्रस्तावित मल्टीमॉडल कॉरिडोर में रेलवे, सड़कें, ऊर्जा कनेक्शन और डिजिटल बुनियादी ढांचा शामिल होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य आर्मेनिया और अजरबैजान को जोड़ना है, साथ ही इसे कैस्पियन क्षेत्र के व्यापक व्यापार मार्ग का हिस्सा बनाना है।
रुबियो ने बताया कि आर्मेनिया में रेलवे खंड के लिए इंजीनियरिंग सर्वे का काम पहले ही शुरू हो चुका है। वहीं, अजरबैजान भी ऐसी सड़क और रेलवे परियोजना को लगभग पूरा करने के करीब है जो आर्मेनिया से जुड़ेगी।
उन्होंने कहा, "पिछले 12 महीनों में अमेरिका ने आर्मेनिया और अजरबैजान के साथ मिलकर इस वादे को वास्तविक प्रगति में बदलने के लिए काम किया है।"
उन्होंने कहा, "टीआरआईपीपी, जो रेलवे, सड़क, ऊर्जा और डिजिटल ढांचे को आधुनिक बनाएगा, अब हकीकत बनने की राह पर है।"
यह कॉरिडोर दक्षिण कॉकेशस और मध्य एशिया के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए बनाया जा रहा है। यूरोप और एशिया के बीच स्थित यह क्षेत्र रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है और हाल के वर्षों में वैकल्पिक व्यापार मार्ग के रूप में इसमें रुचि बढ़ी है।
रुबियो का कहना है कि आर्थिक संबंधों को मजबूत करने से दोनों पूर्व प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच शांति को और स्थायी बनाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि टीआरआईपीपी केवल एक बुनियादी ढांचा परियोजना नहीं है। यह ट्रांस-कैस्पियन व्यापार मार्ग की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। अमेरिका और अन्य देशों के लिए नए व्यापारिक अवसर पैदा करने का माध्यम है और यह इस बात का उदाहरण है कि आर्थिक सहयोग लंबे समय से चले आ रहे विवादों के समाधान के बाद शांति को कैसे मजबूत कर सकता है।
अमेरिका का मानना है कि इस समझौते ने आर्मेनिया और अजरबैजान के साथ उसके संबंधों को भी मजबूत करने का रास्ता खोला है और इससे तीनों देशों की समृद्धि बढ़ सकती है।
रुबियो ने कहा कि वॉशिंगटन, दक्षिण कॉकेशस के इन दोनों देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा ताकि इस समझौते के आधार पर आगे और प्रगति हो सके।
--आईएएनएस
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