Digital Tools for Human Rights : डिजिटल उपकरणों की शक्ति सभी लोगों तक पहुंचाने से मानवाधिकारों को मिलता है बढ़ावा: भारत

सिबि जॉर्ज ने UNHRC में कहा, डिजिटल उपकरण 1.4 अरब भारतीयों के अधिकार और भागीदारी बढ़ाते हैं।
डिजिटल उपकरणों की शक्ति सभी लोगों तक पहुंचाने से मानवाधिकारों को मिलता है बढ़ावा: भारत

जिनेवा: भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबि जॉर्ज ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में डिजिटल उपकरणों की ताकत को लेकर भारत के प्रतिनिधि के तौर पर अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों की शक्ति को पूरी मानवता तक पहुंचाने से मानवाधिकारों को बढ़ावा मिलता है।

जिनेवा में विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबि जॉर्ज ने कहा, "भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कुछ दिन पहले इस बड़ी काउंसिल में अपने भाषण के दौरान कहा था, इस काउंसिल में हमारी बातचीत बयानों और प्रस्तावों से आगे बढ़कर सबसे कमजोर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में ठोस सुधार की ओर बढ़नी चाहिए। हमारा निश्चित ही मानना ​​है कि सभी मानवाधिकारों के लिए एक पूरी तरह से संतुलित सोच, जो एक इंटीग्रेटेड विकास के तरीके पर आधारित हो, इसे पाने का सबसे असरदार रास्ता है।"

उन्होंने कहा, "भारत में हमने बड़े पैमाने पर सभी के अधिकारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया है। इससे न्याय, नागरिक और राजनीतिक अधिकार, 1.4 बिलियन भारतीयों की लोकतांत्रिक भागीदारी और हमारी महिलाओं का सशक्तीकरण भी आसान हुआ है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हाल ही में नई दिल्ली में हुए एआई इम्पैक्ट समिट में यह माना गया कि एआई की ताकत का सबसे अच्छा एहसास तभी होता है जब इसके फायदे पूरी दुनिया में बराबरी से बांटे जाएं, जिसमें ग्लोबल साउथ की भागीदारी भी शामिल है।"

सिबि जॉर्ज ने कहा, "आतंकवाद मानवाधिकारों के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बना हुआ है। हमें इसके सभी रूपों का मुकाबला करने के अपने इरादे पर अडिग रहना चाहिए। इस काउंसिल को इस मुद्दे पर एक आवाज में बोलते रहना चाहिए।"

वहीं जिनेवा में भारतीय दूतावास ने वीडियो साझा करने के साथ लिखा कि सचिव (पश्चिम) सिबि जॉर्ज ने एचआरसी61 आइटम 3 जनरल डिबेट में भारत का बयान दिया और इस बात पर जोर दिया कि कैसे डिजिटल टूल्स और एआई 140 करोड़ भारतीयों को मजबूत बनाते हैं।

इसके साथ ही उन्होंने आतंकवाद को मानवाधिकार के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बताया और काउंसिल से इसके सभी रूपों का मुकाबला करने के लिए एक आवाज में बोलने की अपील की।

--आईएएनएस

 

 

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