Imran Khan Health : इमरान की सेहत को लेकर विपक्षी गठबंधन का हल्ला बोल: संसद में धरना, पुलिस महकमे पर ज्यादती के आरोप

इमरान खान के इलाज को लेकर पीटीआई और टीटीएपी ने संसद भवन के बाहर धरना दिया
इमरान की सेहत को लेकर विपक्षी गठबंधन का हल्ला बोल: संसद में धरना, पुलिस महकमे पर ज्यादती के आरोप

इस्लामाबाद: पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत ठीक नहीं है। उनकी दाईं आंख की 85 फीसदी रोशनी जा चुकी है। जब से उनके वकील ने अदालत के सामने सेहत का हाल बयां किया है तब से पाकिस्तान की सियासत में हलचल मची हुई है। शुक्रवार से विपक्षी गठबंधन टीटीएपी (तहरीक-ए-तहफुज-ए-आयिन-ए-पाकिस्तान) संसद भवन के बाहर धरने पर बैठा है। मांग एक ही है कि खान का इलाज जेल में नहीं अस्पताल में हो।

गुरुवार को, सुप्रीम कोर्ट (एससी) को बताया गया कि इमरान खान की दाहिनी आंख में सिर्फ 15 फीसदी रोशनी बची है, जिस पर पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। इसके बाद, टीटीएपी ने शुक्रवार को पार्लियामेंट हाउस के बाहर धरने का ऐलान किया।

यह धरना शुक्रवार की नमाज के बाद शुरू हुआ और रात भर चला। धरने में शामिल लोग मांग कर रहे हैं कि इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाए।

पीटीआई के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने एक्स पोस्ट में कहा कि धरना दूसरे दिन भी जारी है, और विपक्षी नेता पार्लियामेंट हाउस के अंदर हमें "बंधकों" की तरह रखे हुए हैं। उन्होंने कहा, “हम भी पूरी रात पार्लियामेंट हाउस के अंदर ही रहे,” और कहा कि पीटीआई और टीटीएपी लीडरशिप “भूख से बेहाल थी”।

अकरम ने दावा किया, “पुलिस ने रात में डिनर और अब सुबह का नाश्ता भी अंदर नहीं ले जाने दिया।”

टीटीएपी नेता मुस्तफा नवाज खोखर ने भी पार्लियामेंट हाउस के पिछले हिस्से से धरने पर बैठे सदस्यों को नाश्ता देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

खोखर ने सुबह करीब 11 बजे एक्स पर लिखा: “पार्लियामेंट के बाहर अंदर दोस्तों को खाना और पानी देने गया था। अंदर नहीं जाने दिया, उन तक खाना और पानी अंदर न जाने देना बहुत ही असंवेदनशील रवैया है।”

उन्होंने आगे कहा, “इस बेरहम बर्ताव का कोई और नाम नहीं है, सिवाय ‘यजीदियत’ (क्रूरता) के।”

--आईएएनएस

 

 

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