बीजिंग: चीन ने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की कथित नाकेबंदी को ‘खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव और टकराव बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर टारगेटेड नाकेबंदी की है, जिससे पहले से ही कमजोर पड़े सीजफायर समझौते पर असर पड़ सकता है।
चीन ने यह भी चेतावनी दी कि इस कदम से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
जब उनसे ट्रंप के अतिरिक्त टैरिफ वाले बयान को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका तथाकथित "सैन्य उत्पादों के निर्यात" की आड़ में चीन पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने पर अड़ा रहता है, तो चीन इसके खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाएगा।
वहीं, फिलीपींस के दावो में अमेरिकी सेना द्वारा एक नया मिलिट्री फ्यूल डिपो बनाने की योजनाओं से जुड़ी रिपोर्टों पर पूछे गए सवाल पर जियाकुन ने कहा कि आज जब दुनिया आपस में जुड़ी हुई उथल-पुथल और बदलावों के दौर से गुजर रही है, तो एकतरफा फैसला और सैन्य दादागिरी दुनिया को मुसीबत में डाल सकती है। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विकास और स्थिरता की मौजूदा स्थिति आसानी से हासिल नहीं हुई है, और इसे किसी भी कीमत पर किसी के द्वारा भी बाधित नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिका की होर्मुज को लेकर कथित नाकेबंदी के बीच पश्चिम एशिया के हालात से पूरी दुनिया फिक्रमंद है। ट्रंप ने कहा है कि यहां से गुजरने वाले सभी जहाजों की वो ब्लॉक करेगा। अमेरिकी सेंट्रल कमांड फोर्स के अनुसार ऑपरेशन में अमेरिका का खास युद्धपोत यूएसएस ट्रिपोली (एलएचए-7) भी शामिल है। यहां से एफ-35बी लाइटनिंग ॥ स्टील्थ फाइटर जेट, एमवी-22 ओस्प्रे विमान और हेलिकॉप्टर लगातार होर्मुज की ओर भेजे गए हैं। सेंटकॉम ने बताया कि यूएसएस ट्रिपोली में ज्यादा से ज्यादा फाइटर जेट तैनात किए जा सकते हैं।
बदलते हालात के बीच मंगलवार को ही चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान से मुलाकात की। चार सूत्रीय शांति प्रस्ताव भी उनके सामने रखा। उन्होंने मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र के लिए एक साझा, व्यापक और टिकाऊ सुरक्षा ढांचा बनाने पर भी जोर दिया।
वहीं स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज से मुलाकात के दौरान शी ने अमेरिका के बढ़ते दखल पर प्रहार करते हुए कहा कि दुनिया में "जंगल का कानून" लौट रहा है और इसके विरोध में हमें अपना सहयोग और बढ़ाना चाहिए। सांचेज भी चीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं।
--आईएएनएस
