ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव जल्द, लूला ने वजन घटाने वाली दवा मुफ्त देने का किया वादा

ब्राजील राष्ट्रपति चुनाव: लूला का गरीबों को मदद का वादा
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ब्रासीलिया, 19 सितंबर (आईएएनएस)। ब्राजील में जल्द राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। इससे पहले प्रचार अभियान जोरों पर है। मुद्दे जिन्होंने ब्राजील ही नहीं पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है, वो मुख्य तौर पर गरीब परिवारों को दिए जाने वाले प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रम के भुगतान में बढ़ोतरी, मुफ्त वजन घटाने वाली दवा का ऐलान और फेमिसाइड के खिलाफ सख्त कानून बनाने की बात है।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने राष्ट्रपति चुनाव से करीब दो सप्ताह पहले गरीब परिवारों को दिए जाने वाले प्रमुख कल्याणकारी कार्यक्रम 'बोल्सा फमीलिया' के भुगतान में 15 फीसदी बढ़ोतरी और सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के जरिए वजन घटाने वाली दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की घोषणा की। इन घोषणाओं को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि सरकार चुनाव से ठीक पहले मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

लूला ने कहा है कि बोल्सा फमीलिया में की गई बढ़ोतरी वास्तव में मुद्रास्फीति के अनुरूप समायोजन है, जिसका उद्देश्य गरीब परिवारों की क्रय शक्ति को बनाए रखना है। मौजूदा करीब 98 पाउंड के मासिक भुगतान को बढ़ाकर लगभग 113 पाउंड किया जाएगा। यह बढ़ोतरी 19 अक्टूबर से प्रभावी होने वाली है, यानी 4 अक्टूबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव और संभावित 25 अक्टूबर के दूसरे दौर के मतदान के बीच।

'बोल्सा फमीलिया' ब्राजील का प्रमुख नकद हस्तांतरण कार्यक्रम है। इसे 2003 में लूला के पहले कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था और इसके जरिए लाखों परिवारों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है। वर्तमान में करीब 50 लाख नहीं, बल्कि लगभग 5 करोड़ लोग इस योजना के दायरे में आते हैं, जिनमें करीब 2.7 करोड़ मतदान की उम्र वाले लोग हैं।

विपक्षी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार फ्लावियो बोल्सोनारो ने इस घोषणा की निंदा की है। उन्होंने इसे लूला की हताशा बताया और सरकार की ओर से गरीबों के वोट खरीदने की कोशिश करार दिया। हालांकि लूला की ओर से कहा गया है कि भुगतान में वृद्धि पिछले वर्षों की महंगाई को ध्यान में रखकर की गई है।

लूला सरकार ने इसके साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के जरिए वजन घटाने वाली दवाएं मुफ्त उपलब्ध कराने का भी वादा किया है। यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब ब्राजील में 4 अक्टूबर को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। मुख्य मुकाबला लूला और फ्लावियो बोल्सोनारो के बीच माना जा रहा है।

इस बीच, चुनावी कानून को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि मुद्रास्फीति के अनुरूप लाभ में समायोजन अपने आप में प्रतिबंधित नहीं है। वहीं दक्षिणपंथी उम्मीदवार रेनान सैंटोस ने चुनावी अदालत में याचिका दायर कर बढ़ोतरी को नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के पदभार संभालने तक रोकने की मांग की है।

वहीं, लूला की नजर महिला वोटर्स पर भी है। करीब 53 फीसदी महिलाएं अपना मत डालेंगी। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर भी ऐसे क्लिप्स की भरमार है जिसमें वो महिलाओं को आराम, अपराध के खिलाफ सख्त कानून बनाने और 'मी' टाइम देने यानी महिलाओं को खुलकर अपनी जिंदगी जीने के हक की बात कर रहे हैं।

--आईएएनएस

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