Bangladesh Political Violence : हादी के भाई उमर का यूनुस की अंतरिम सरकार पर बड़ा आरोप, बोले- 'चुनाव में देरी के लिए कराई हत्या'

शरीफ उस्मान हादी की हत्या पर अंतरिम सरकार घिरी, चुनावी हिंसा बढ़ने का आरोप
हादी के भाई उमर का यूनुस की अंतरिम सरकार पर बड़ा आरोप, बोले- 'चुनाव में देरी के लिए कराई हत्या'

ढाका: बांग्लादेश में इस समय जो हालात हैं, वह दुनिया के लिए गहरी चिंता का विषय है। चुनाव शेड्यूल के ऐलान के बाद से राजनीतिक हिंसा में भी तेजी से बढ़ोतरी देखी गई है।

हाल ही में ढाका-8 से निर्दलीय उम्मीदवार और इकबाल मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। इस घटना में उनकी मौत हो गई। हालांकि, इस मामले में अब तक हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन उस्मान हादी के भाई शरीफ उमर हादी ने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर आरोप लगाया है। उमर ने कहा कि यूनुस की अंतरिम सरकार के लोगों ने आगामी चुनावों को टालने के लिए उनके भाई की हत्या करवाई है।

मंगलवार को ढाका में नेशनल म्यूजियम के बाहर इंकलाब मंच ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में इकबाल मंच के प्रवक्ता उमर हादी ने अंतरिम सरकार को घेरते हुए कहा, "आपने ही उस्मान हादी को मरवाया था, और अब आप इसे मुद्दा बनाकर चुनाव को नाकाम करने की कोशिश कर रहे हैं।"

द डेली स्टार के अनुसार, उमर ने आगे कहा कि उनके भाई ने फरवरी तक नेशनल चुनाव कराने का समर्थन किया और बांग्लादेशी अधिकारियों से चुनाव के माहौल में रुकावट न डालने को कहा।

उमर हादी ने कहा, "हत्यारों का जल्दी ट्रायल सुनिश्चित करें ताकि चुनाव के माहौल को नुकसान न पहुंचे। सरकार हमें कोई भी साफ प्रोग्रेस दिखाने में नाकाम रही है। अगर उस्मान हादी को इंसाफ नहीं मिला, तो आपको भी एक दिन बांग्लादेश से भागने पर मजबूर होना पड़ेगा।"

इकबाल मंच के सदस्य सचिव अब्दुल्ला अल जाबेर ने हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए अंतरिम सरकार को दिए गए 30-वर्किंग-डे के अल्टीमेटम को एक बार फिर से दोहराया।

बीते सोमवार को इंकलाब मंच ने धमकी दी है कि अगर हादी की हत्या में इंसाफ नहीं मिला, तो वे यूनुस की अंतरिम सरकार को गिराने के लिए एक आंदोलन शुरू करेंगे।

ढाका में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, अब्दुल्ला अल जाबेर ने कहा कि 20 दिसंबर को हादी के अंतिम संस्कार के दौरान 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया, लेकिन यह अंतरिम सरकार के गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी या बांग्लादेशी अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई किए बिना ही खत्म हो गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय की ब्रीफिंग में न तो गृह सलाहकार और न ही उनके विशेष सहायक शामिल हुए। यह इस घटना को हल्का दिखाने की कोशिश है। इकबाल मंच ने गृह सलाहकार, उनके खास सहायक और कानूनी सलाहकार से तुरंत इस्तीफे की भी मांग की। इकबाल मंच के लोगों ने इन्हें हादी की हत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया और मामले में न्यायिक कार्रवाई एक स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल के जरिए ज्यादा से ज्यादा 30 वर्किंग डेज के अंदर पूरी करने की मांग की। बता दें, हादी को 12 दिसंबर के आसपास गोली लगी थी और इलाज के दौरान 18 दिसंबर को सिंगापुर में उनकी मौत हो गई।

--आईएएनएस

 

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