वॉशिंगटन, 10 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने चीन के लिए अपनी यात्रा सलाह (ट्रैवल एडवाइजरी) को अपडेट किया है। इसमें अमेरिकी नागरिकों को मनमानी कानूनी कार्रवाई, निगरानी, देश छोड़ने पर रोक और बिना उचित कारण गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने के जोखिम को लेकर चेतावनी दी गई है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने चीन के लिए अपनी 'लेवल-2' एडवाइजरी बरकरार रखी है और अमेरिकी नागरिकों से अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा है। यह एडवाइजरी चार सितंबर को जारी की गई थी और इस सप्ताह बंधक मामलों के लिए राष्ट्रपति के विशेष दूत के कार्यालय की ओर से सार्वजनिक की गई।
एडवाइजरी में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को 'स्थानीय कानूनों के मनमाने इस्तेमाल, कानून के तहत निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया के बिना लगाए जाने वाले एग्जिट बैन तथा अनुचित गिरफ्तारी या हिरासत के जोखिम' के कारण अधिक सतर्क रहना चाहिए।
विदेश विभाग ने कहा कि चीन के राष्ट्रीय सुरक्षा, जासूसी-रोधी और डेटा सुरक्षा से जुड़े कानून अधिकारियों को विदेशी नागरिकों से पूछताछ करने या उन्हें हिरासत में लेने के व्यापक अधिकार देते हैं। विभाग के अनुसार, इससे सामान्य कारोबारी कामकाज, शोध कार्य या सार्वजनिक रूप से अपनी राय व्यक्त करने वाले अमेरिकी नागरिक भी जोखिम में पड़ सकते हैं।
एडवाइजरी में कहा गया है कि कुछ लोगों पर विशेष रूप से ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है। इनमें चीनी मूल के अमेरिकी नागरिक, व्यापारिक विवादों में शामिल लोग और चीन में विवादों का सामना कर रही अमेरिकी कंपनियों से जुड़े लोग शामिल हैं।
चेतावनी में उन यात्रियों का भी जिक्र किया गया है जिनका वर्तमान या पूर्व संबंध अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों, सेना, खुफिया एजेंसियों या संघीय सरकार से रहा हो। अमेरिकी सरकार की ओर से वित्तपोषित कार्यक्रमों के तहत यात्रा करने वाले लोगों को भी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।
विदेश विभाग ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नागरिकों को आरोपों की जानकारी दिए बिना भी हिरासत में लिया जा सकता है और उन्हें तुरंत वाणिज्य दूतावास सहायता भी नहीं मिल सकती। विभाग ने कहा कि पत्रकारों, शिक्षाविदों, कारोबारी लोगों और पूर्व सरकारी अधिकारियों से पूछताछ, हिरासत या निष्कासन के मामले सामने आए हैं।
एडवाइजरी के अनुसार, चीन ने कुछ मामलों में एग्जिट बैन का इस्तेमाल लोगों को जांच में सहयोग करने, नागरिक विवादों को चीनी नागरिकों के पक्ष में सुलझाने या उनके रिश्तेदारों और परिचितों पर चीन लौटने का दबाव बनाने के लिए किया है।
इसमें कहा गया है कि कुछ मामलों में ऐसे प्रतिबंधों का इस्तेमाल विदेशी सरकारों पर दबाव बनाने के लिए भी किया गया है। यात्रियों को अक्सर तब तक पता नहीं चलता कि उन पर 'एग्जिट बैन' लगा है, जब तक वे चीन छोड़ने की कोशिश नहीं करते।
एडवाइजरी में कहा गया है, "एग्जिट बैन को अदालत में चुनौती देने के लिए कोई प्रभावी कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध नहीं भी हो सकती।"
अमेरिकी विदेश विभाग ने डिजिटल निगरानी को लेकर भी चेतावनी दी है। विभाग ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को यह मानकर चलना चाहिए कि चीन की सुरक्षा एजेंसियां चीन से भेजे या प्राप्त किए जाने वाले ईमेल, टेक्स्ट संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट पढ़ सकती हैं।
--आईएएनएस
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