ढाका, 22 जुलाई (आईएएनएस। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मानना है कि उनका देश 'बहुत खतरनाक' दौर में पहुंच गया है। उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 के राजनीतिक घटनाक्रम का जिक्र करते हुए दावा किया कि आरक्षण सुधार आंदोलन की आड़ में सुनियोजित अभियान के तहत अवामी लीग को सत्ता से हटाया गया।
हसीना ने पूर्व अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस को इसके लिए जिम्मेदार माना।
उन्होंने ये बातें 'रीइन्वेंटिंग बांग्लादेश: ए वर्ल्ड क्राइसिस टू ओवरकम' विषय पर आयोजित एक इंटरनेशनल स्ट्रेटेजिक डायलॉग को संबोधित करते हुए हसीना ने आरोप लगाया कि 2024 के विरोध प्रदर्शनों में हिंसक चरमपंथी न केवल शामिल थे, बल्कि वे इसके आयोजक और लाभार्थी भी थे।
उन्होंने कहा जुलाई 2024 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान चरमपंथी नेताओं ने फिर से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होना शुरू किया। उनका उद्देश्य था, "लाशें गिराना, जनाक्रोश पैदा करना और सरकार को गिराना।"
हसीना ने आरोप लगाया कि अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस, वर्तमान प्रधानमंत्री तारिक रहमान और कट्टरपंथी इस्लामी संगठन जमात-ए-इस्लामी ने इसी उद्देश्य से इन प्रदर्शनों को आगे बढ़ाया। उन्होंने इसे स्वतःस्फूर्त छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि "बेहद सुनियोजित अभियान" बताया।
पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, "इन उपद्रवियों ने 460 पुलिस थानों को आग के हवाले कर दिया, जिससे कई स्थानों पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो गई। पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या की गई और उनके शव ओवरब्रिज से लटका दिए गए। जेलों पर हमले हुए। दोषी और आरोपी उग्रवादी भाग निकले या जमानत पर रिहा हो गए। प्रतिबंधित आतंकी संगठनों अंसारुल्लाह बांग्ला टीम, हिज्ब उत तहरीर, हरकत-उल-जिहाद और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश के नेताओं सहित कई आतंकियों को रिहा कर दिया गया।"
हसीना ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ व्यापक हिंसा का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "हिंदू, ईसाई, बौद्ध, अहमदिया समुदायों, सूफी दरगाहों और अन्य अल्पसंख्यक धार्मिक एवं सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थानों पर हमले कर उन्हें नष्ट कर दिया गया। सिर्फ संस्थान ही नहीं, बल्कि लोगों को भी निशाना बनाया गया। यह बांग्लादेश की ऐतिहासिक धार्मिक सद्भावना पर हमला था।"
उन्होंने आरोप लगाया कि अगस्त 2024 से देश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हसीना ने दावा किया कि देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश को "झूठे मामलों" में फंसाकर हथकड़ी लगाई गई और जेल भेज दिया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य न्यायाधीश और कई अन्य न्यायाधीशों पर चाकू, चीनी कुल्हाड़ी, लाठियों और हथियारों से हमला किया गया और बाद में उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।
हसीना ने कहा, "जिस देश में वकीलों, पत्रकारों, सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं और मेरी पार्टी, अवामी लीग के कार्यकर्ताओं को पीट-पीटकर मार दिया गया, धारदार हथियारों से हमला किया गया, गिरफ्तार और प्रताड़ित किया गया और महिलाओं-लड़कियों का रेप कर उनकी हत्या कर दी गई। आप कल्पना कर सकते हैं कि ऐसे में वहां आतंक का कैसा माहौल बना हुआ है।"
पूर्व प्रधानमंत्री ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा है और उनकी सरकार के दौरान हुई प्रगति को नष्ट कर दिया गया।
उन्होंने कहा, "गरीबी बढ़ रही है। लोगों का जीवन असुरक्षित हो गया है। वो न घर में और न ही सड़कों पर सुरक्षित हैं, लेकिन सत्ता में बैठे लोग केवल सत्ता और धन का आनंद ले रहे हैं। उन्हें आम जनता की कोई चिंता नहीं है। यहां तक कि वैक्सीन न मिलने के कारण सैकड़ों बच्चों की मौत हो गई।"
--आईएएनएस
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