Women Reservation Bill India : विपक्षी सांसद बोले, महिला आरक्षण संशोधन बिल पर देश को गुमराह कर रही है केंद्र सरकार

महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, विपक्ष ने सरकार पर लगाया राजनीतिक लाभ का आरोप
 विपक्षी सांसद बोले, महिला आरक्षण संशोधन बिल पर देश को गुमराह कर रही है केंद्र सरकार

नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पारित न होने पर विपक्ष ने सरकार पर महिलाओं के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। विपक्षी सांसदों का कहना है कि सरकार महिलाओं को गुमराह कर राजनीतिक लाभ के लिए इस मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "सच तो यह है कि महिला आरक्षण बिल सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में सर्वसम्मति से पास हो गया था, लेकिन सरकार ने 16 अप्रैल 2026 तक इसे नोटिफाई नहीं किया। अगर वे सचमुच महिला आरक्षण को लेकर संवेदनशील थे, तो उन्हें इस कानून को आधिकारिक तौर पर नोटिफाई करने में लगभग 30 महीने क्यों लगे? यह पहला सवाल है।"

उन्होंने कहा कि दूसरा मुद्दा यह है कि संसद में पेश किया गया बिल सिर्फ महिला आरक्षण के बारे में नहीं था। यह परिसीमन से भी जुड़ा था। यह तर्क दिया जा रहा है कि महिला आरक्षण की आड़ में देश की राजनीतिक और भौगोलिक संरचना को बदलने की कोशिश की गई थी। इस बात की चिंता थी कि भारत का राजनीतिक और चुनावी नक्शा फिर से बनाया जा सकता है, इसीलिए विपक्षी सांसदों ने मिलकर इसका विरोध किया।"

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, "भाजपा ने देश की महिलाओं की आंखों में धूल झोंकने का काम किया। महिला आरक्षण की आड़ में राजनीतिक परिसीमन ही इनका लक्ष्य था। जब तक महिलाओं को आरक्षण नहीं मिलेगा तब तक हम प्रदर्शन करते रहेंगे। सरकार महिलाओं को गुमराह करने का काम कर रही है और जनता अब यह समझने लगी है, उन्हें जल्द ही इसका जवाब मिलने वाला है।"

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद कहते हैं, "इस देश की जनता को गुमराह करने के सिवा भाजपा के पास कोई ठोस तर्क नहीं है। विपक्ष के खिलाफ गलतफहमी पैदा करने के लिए सरकार की तरफ से ये काम किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा कि सरकार ने जानबूझ ये परिस्थितियां बनाईं, ताकि महिलाओं को परेशानी हो और ये विपक्ष पर आरोप लगा सकें।

--आईएएनएस

 

 

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