वाराणसी: ठंड की शुरुआत होते ही वाराणसी में पर्यटक और स्थानीय लोग मलइयो को खाकर तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। मलइयो एक ऐसी मिठाई है, जो ठंड के मौसम में मिलती है और लोगों द्वारा इसे खूब पसंद किया जाता है। गुलाबी ठंड की शुरुआत होते ही वाराणसी में लोग इसे खाने पहुंच रहे हैं।
मलइयो सिर्फ ठंड के मौसम में महज तीन से चार महीने ही मिलती है। पिस्ता और बादाम के मिश्रण से तैयार होने वाला यह व्यंजन ठंड के मौसम में शरीर में गर्माहट पैदा करता है। द्वारिकापुर, मीलकर बहार दुकान पर मलइयो खाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।
बोकारो से वाराणसी पहुंचे देवेंद्र नाम के एक पर्यटक ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हमने इसे पहली बार खाया, यह बहुत स्वादिष्ट है। यह बहुत मीठा भी नहीं था, लेकिन खाने में अच्छा लगा।
राम आसरे नाम के शख्स का कहना है कि वाराणसी में बहुत लोग मलइयो बेचते हैं, लेकिन हर जगह अच्छा स्वाद नहीं मिलता है। मलइयो सिर्फ वाराणसी में ही मिलता है क्योंकि इसे बनाने की तकनीक सबके पास नहीं है।
एक स्थानीय ने कहा कि मलइयो वाराणसी का सबसे पसंदीदा डिश है। यह मुंह में जाते ही घुल जाता है। इसे खाए बिना वाराणसी के लोगों की सुबह नहीं होती है।
वहीं मलइयो बेचने वाले दुकानदार ने बताया कि ठंड के मौसम के लिए यह एक तरह की अच्छी मिठाई है। ठंड में पड़ने वाली ओस से दूध को ठंडा किया जाता है और फिर इसमें रबड़ी, मलाई, केसर और इलायची मिलाकर इसे मथा जाता है। इससे निकलने वाली मलाई को एकत्रित किया जाता है। इसकी खासियत होती है कि यह मुंह में रखते ही घुल जाता है।
दुकानदार ने यह भी बताया कि ओस की बूंदों के बीच इसे रातभर रखकर ठंडा किया जाता है। बड़ी बात यह है कि ओस की बूंदें आंखों के लिए अच्छी मानी जाती हैं। ऐसे में यह सेहतमंद भी है।