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वाराणसी में फिर बढ़ने लगा गंगा का जलस्तर, 12 घंटे में 9 सेंटीमीटर का उछाल

वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा, प्रशासन ने की लोगों से अपील
वाराणसी

वाराणसी, 11 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों तक स्थिर रहने के बाद, अब नदी के जलस्तर में दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। बीते 12 घंटों में गंगा का जलस्तर नौ सेंटीमीटर तक बढ़ चुका है।

सेंट्रल वॉटर कमीशन के मुताबिक, गुरुवार रात 8 बजे वाराणसी में गंगा का जलस्तर 69.31 मीटर पर पहुंच गया। यह चेतावनी स्तर 70.262 मीटर से अभी भी लगभग 1 मीटर नीचे है, लेकिन लगातार हो रही बढ़ोतरी ने प्रशासन और घाटों पर रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल गंगा में नावों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है।

जलस्तर बढ़ने का असर सीधे तौर पर घाटों पर दिख रहा है। कई छोटे घाट अभी भी पानी में डूबे हुए हैं, जिससे वहां दुकान लगाने वाले नाविकों और दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है। तीर्थयात्रियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं।

वाराणसी के नाविक शिवानंद साहनी ने आईएएनएस को बताया, "घाटों पर दुकानदारों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और आने वाले तीर्थयात्रियों को भी परेशानी हो रही है, क्योंकि कपड़े बदलने के लिए कोई जगह नहीं बची है। बाढ़ की वजह से उपलब्ध जगह कम हो गई है, जिससे बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ हो गई है और लोगों को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ रहा है।"

उनका कहना है कि घाटों पर जगह की कमी के कारण अव्यवस्था जैसी स्थिति बन गई है। गंगा आरती और स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को सीमित जगह में ही अपना काम करना पड़ रहा है।

वहीं, जिला प्रशासन ने भी लोगों से सहयोग की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि भीड़ बढ़ने के साथ-साथ चोरी जैसी घटनाओं का भी खतरा बढ़ जाता है। लोगों से कहा गया है कि वे अपने सामान का ध्यान रखें और सतर्क रहें। प्रशासन ने यह भी कहा है कि अगर कोई भी संदिग्ध व्यक्ति या चोरी की घटना दिखती है तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें या उस व्यक्ति को प्रशासन के पास लेकर आएं।

फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। जलस्तर चेतावनी निशान से नीचे है, इसलिए अभी बाढ़ का बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन अगर इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस