Advertisement banner

उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू को लेकर राज्य सरकार अलर्ट : ब्रजेश पाठक

उत्तर प्रदेश में स्वाइन फ्लू पर सरकार की सतर्कता, डॉक्टरों को प्रशिक्षण और मरीजों के लिए आरक्षित वार्ड
उत्तर

लखनऊ, 2 सितंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद वायरल बुखार और स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ने पर सरकार अलर्ट मोड पर है। यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने अस्पतालों में मरीजों की बढ़ती संख्या को लेकर बयान दिया।

उन्होंने कहा कि बुखार को लेकर पैनिक जैसी कोई स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही है। अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टर पूरी संख्या में उपलब्ध हैं।

डिप्टी सीएम ने लोगों से अपील की कि जैसे ही खांसी, बुखार, जुकाम की शिकायत हो, तुरंत पास के अस्पताल में जाकर जांच कराएं, दवा लें और आराम करें। चिकित्सीय सलाह के अनुसार ही काम करें।

वहीं, इटावा में स्वाइन फ्लू को लेकर जिला अस्पताल प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. परितोष शुक्ला ने बताया कि एच1एन1 स्वाइन फ्लू को लेकर सरकार से कई निर्देश मिले हैं और सभी निर्देशों का पूरी तरह से पालन किया गया है।

उन्होंने बताया कि तैयारी चल रही है और शनिवार को डॉक्टरों के लिए जागरूकता और संवेदीकरण वर्कशॉप भी आयोजित की गई। सभी डॉक्टरों को जरूरी प्रक्रिया और उपलब्ध सुविधाओं के बारे में ट्रेनिंग दी गई है।

डॉ. परितोष शुक्ला ने कहा, "हमने एक वार्ड में 6 कमरों का केबिन स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित कर दिया है। इसके अलावा हमने स्वाइन फ्लू के टीके का भी इंतजाम किया है।"

उन्होंने लक्षणों के बारे में बताया कि अभी तक लक्षणों के आधार पर ही पहचान की जाएगी। आमतौर पर यह इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस होती है। इसमें नाक बहना, बुखार आना, छींक आना, बदन में दर्द होना जैसे लक्षण होते हैं। कुछ लोगों को सांस लेने में भी दिक्कत हो सकती है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम