UP Tourism Budget : पर्यटन परियोजनाओं में ढिलाई पर मंत्री सख्त, तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

पर्यटन परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर, वे-साइड सुविधाओं का विकास।
उत्तर प्रदेश: पर्यटन परियोजनाओं में ढिलाई पर मंत्री सख्त, तय समयसीमा में काम पूरा करने के निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विलंबित परियोजनाओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य तय समयसीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि बजट की कोई कमी नहीं है, ऐसे में देरी या लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी।

उत्तर प्रदेश में पर्यटन विकास को गति देने के उद्देश्य से मंगलवार को पर्यटन निदेशालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंत्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट प्रावधानों, स्वीकृतियों और व्यय की विस्तृत समीक्षा की।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बजट का उपयोग पारदर्शी, समयबद्ध और परिणामोन्मुख तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और सशक्त बनाया जा सके।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुल 1,69,027 लाख रुपये के बजट प्रावधान के सापेक्ष अब तक 1,33,920 लाख रुपए (करीब 79 प्रतिशत) की स्वीकृति जारी की जा चुकी है। वहीं, 1,24,757 लाख रुपए के आवंटन के मुकाबले 24 मार्च 2026 तक 1,11,511 लाख रुपए (लगभग 89 प्रतिशत) व्यय किए जा चुके हैं।

मंत्री ने शेष बजट के प्रभावी उपयोग और परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार द्वारा परियोजनाओं के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध कराया जा रहा है, इसलिए अब किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारा जाए।

इस दौरान अपर मुख्य सचिव, पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग अमृत अभिजात ने प्रदेश में वे-साइड एमेनिटीज के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि हरदोई, सीतापुर और फिरोजाबाद समेत विभिन्न जनपदों से गुजरने वाले प्रमुख राजमार्गों के किनारे आधुनिक सुविधाओं से युक्त वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने की योजना पर तेजी से काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं में स्वच्छ शौचालय, फूड कोर्ट, पार्किंग, ईंधन, सुरक्षा और विश्राम जैसी व्यवस्थाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पर्यटकों और यात्रियों को बेहतर अनुभव मिलेगा। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक सुगम बनेगी।

--आईएएनएस

 

 

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