Tamil Nadu Rain Forecast : बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम-दबाव क्षेत्र बनने से 21 फरवरी तक बारिश का अनुमान

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव क्षेत्र के कारण तमिलनाडु और पुडुचेरी में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट
तमिलनाडु : बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम-दबाव क्षेत्र बनने से 21 फरवरी तक बारिश का अनुमान

चेन्नई: चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने अनुमान लगाया है कि सोमवार तक बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके कारण आने वाले कुछ दिनों में तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में बारिश होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया कि इस समय भूमध्य रेखा के आसपास और दक्षिण–पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है। इसी के प्रभाव से सोमवार तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्से और उससे लगे भूमध्यरेखीय हिंद महासागर क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।

 

यह मौसमी प्रणाली 21 फरवरी तक तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है।

 

मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल बहुत तेज और व्यापक बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन मौसम वैज्ञानिक इस प्रणाली पर नजर रखे हुए हैं ताकि अगर यह मजबूत हो तो समय पर जानकारी दी जा सके।

 

पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। खासकर तटीय और उत्तरी जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में बारिश हो सकती है। इसके अलावा, रविवार को कुछ स्थानों पर हल्की धुंध भी बनने की संभावना जताई गई है।

 

चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, विल्लुपुरम, कुड्डालोर और पुडुचेरी में धुंध रहने की संभावना वाले इलाकों में बारिश हो सकती है। इन इलाकों में सुबह जल्दी आने-जाने वालों को विजिबिलिटी कम होने की वजह से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

 

मछुआरों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने के लिए कहा गया है, खासकर दक्षिण बंगाल की खाड़ी और उससे लगे भूमध्यरेखीय समुद्री क्षेत्रों में काम करने वालों को।

 

अधिकारियों ने कहा है कि जैसे-जैसे यह प्रणाली आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे नई जानकारी जारी की जाएगी।

 

इस मौसम में बंगाल की खाड़ी में बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र अक्सर तमिलनाडु में रुक-रुक कर बारिश लाते हैं, जिससे कई जिलों में सूखे जैसे हालात से कुछ राहत मिलती है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे ताजा मौसम जानकारी के लिए क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र की आधिकारिक सूचनाओं पर ध्यान दें।

--आईएएनएस

 

 

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