चेन्नई, 25 जून (आईएएनएस)। तमिलनाडु सरकार ने सरकारी सेवाओं को डिजिटल बनाने और कागजी काम कम करने की दिशा में अहम कदम उठाया। इसके तहत तमिलनाडु के स्कूल शिक्षा मंत्री राजमोहन ने राज्य सचिवालय में अपने कार्यालय में एक इलेक्ट्रॉनिक याचिका (ई-याचिका) सिस्टम शुरू किया है। इससे आम लोग एक आसान क्यूआर कोड-आधारित प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
इस पहल का मकसद पारंपरिक कागजी याचिकाओं की जगह डिजिटल इंटरफेस लाकर शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज, ज्यादा पारदर्शी और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है। मंत्री से मिलने का समय (अपॉइंटमेंट) चाहने वाले लोग अब उनके कार्यालय के बाहर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सकते हैं और उनसे मिलने से पहले अपनी याचिकाएं इलेक्ट्रॉनिक रूप से जमा कर सकते हैं।
क्यूआर कोड स्कैन करने के बाद याचिकाकर्ताओं को एक ऑनलाइन पोर्टल पर भेजा जाता है, जहां वह अपनी निजी जानकारी दर्ज कर सकते हैं और अपनी याचिकाओं की डिजिटल कॉपी अपलोड कर सकते हैं। जिन लोगों के पास कागजी दस्तावेज हैं, वे भी उन्हें इसी सिस्टम के जरिए स्कैन और अपलोड करवा सकते हैं, जिससे यह पक्का हो सके कि डिजिटल और कागजी दोनों तरह की याचिकाओं पर एक ही प्लेटफॉर्म के जरिए कार्रवाई हो।
सिस्टम को और आसान बनाने के लिए पोर्टल याचिकाकर्ताओं को अपनी शिकायत का संक्षिप्त विवरण देने या अपनी समस्या बताते हुए वॉयस रिकॉर्डिंग अपलोड करने का अतिरिक्त विकल्प भी देता है। अधिकारियों ने साफ किया कि ये सुविधाएं वैकल्पिक हैं और इन्हें आवेदकों को अपनी बात बेहतर ढंग से रखने में मदद करने के लिए शुरू किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, नए प्लेटफॉर्म से याचिका दर्ज करने में लगने वाले समय में काफी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही रिकॉर्ड मैनेजमेंट में सुधार होगा और मंत्री के कार्यालय को मिलने वाली शिकायतों को ट्रैक करना आसान हो जाएगा।
इस डिजिटल वर्कफ्लो का मकसद कागज का इस्तेमाल कम करना और प्रशासनिक दक्षता में सुधार करना भी है। ई-याचिका पहल के साथ-साथ मंत्री ने सचिवालय में जन-शिकायत सत्रों के दौरान अपॉइंटमेंट को व्यवस्थित करने के लिए टोकन-आधारित विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू किया है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करने वाले लोगों को मंत्री की उपलब्धता के आधार पर अपने आप एक टोकन नंबर और अपॉइंटमेंट का समय मिल जाएगा, जिससे कार्यालय के बाहर भीड़ और लंबे इंतजार का समय कम हो जाएगा।
नए सिस्टम को समझने में लोगों की मदद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बारे में निर्देश मंत्री के कार्यालय के बाहर प्रमुखता से लगाए गए हैं। राजमोहन, जिनके पास स्कूल शिक्षा, तमिल विकास और सूचना एवं प्रचार विभाग हैं, तमिलनाडु सरकार के उन पहले मंत्रियों में से हैं, जिन्होंने क्यूआर कोड आधारित शिकायत निवारण प्रणाली शुरू की है।
अधिकारियों का मानना है कि यह पहल उन अन्य सरकारी विभागों के लिए एक मॉडल बन सकती है जो नागरिक सेवाओं को आधुनिक बनाना चाहते हैं और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए लोगों की पहुंच को मजबूत करना चाहते हैं।
--आईएएनएस
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