सपा: मुख्य सचेतक पद से कमाल अख्तर का इस्तीफा, बोले- अखिलेश यादव के आदेश पर लिया फैसला

सपा: मुख्य सचेतक पद से कमाल अख्तर का इस्तीफा, बोले- अखिलेश यादव के आदेश पर लिया फैसला

लखनऊ, 30 जून (आईएएनएस)। मुरादाबाद की कांठ विधानसभा सीट से विधायक कमाल अख्तर ने विधानसभा में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) के पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में मुरादाबाद की सांसद रुचि वीरा के साथ मतभेदों के कारण ऐसा घटनाक्रम हुआ है। कमाल अख्तर ने किसी भी तरह की नाराजगी से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर इस्तीफा दिया है। उनके इस्तीफे के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक बदलाव और नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

कमाल अख्तर ने अपने इस्तीफे को किसी विवाद या नाराजगी से जोड़ने से इनकार किया है। उन्होंने कहा, "मैंने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आदेश पर अपना इस्तीफा दिया है। पार्टी के भीतर संगठन और पदों में परिवर्तन की प्रक्रिया समय-समय पर चलती रहती है। किसी से मेरी कोई नाराजगी नहीं है। मैं समाजवादी पार्टी का एक छोटा कार्यकर्ता हूं और आगे भी अखिलेश यादव के नेतृत्व में पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहूंगा।"

सपा नेता कमाल अख्तर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि विधानमंडल दल हो, संगठन हो, पार्टी हो, उसके अंदर-अंदर जिम्मेदारियां लोगों को सौंपी जाती हैं। कोई पद परमानेंट नहीं होता। राष्ट्रीय अध्यक्ष का निर्देश है कि अब आगे इस पद में हम लोगों को काम नहीं करना है। किसी और को जिम्मेदारी दी जाएगी और मुझे विश्वास है कि जिसको जिम्मेदारी दी जाएगी, वह पार्टी के लिए अच्छा काम करेगा।

उन्होंने कहा कि मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाती है, उसे मैं निभाऊंगा।

उन्होंने सपा सांसद रुचि वीरा के साथ मनमुटाव की चर्चाओं पर कहा, "इस चीज से कोई लेना-देना नहीं है। वह अपना काम कर रही हैं। मैं अपना काम कर रहा हूं।

उन्होंने कहा कि मैं बहुत छोटा सा कार्यकर्ता हूं। मैंने राज्यसभा में भी काम किया। मैंने संगठन में अलग-अलग पदों पर भी काम किया। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी, मैंने उसका निर्वहन किया। यह जिम्मेदारी पार्टी में मुझे दी गई, जब तक उसका निर्वहन किया। मेरे नेता का आदेश था कि आगे और लोगों को मौका देना है। और लोग आएंगे और पार्टी के लिए अच्छा करेंगे तो यह हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम लोगों को आगे मौका दें।

कमाल अख्तर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ दिनों से मुरादाबाद की राजनीति में उनके और सांसद रुचि वीरा के बीच मतभेदों की चर्चाएं लगातार सुर्खियों में थीं।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच संगठनात्मक समन्वय और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी, जिसके बाद सपा नेतृत्व ने दोनों को लखनऊ बुलाकर बैठक की थी। बताया जाता है कि बैठक में अखिलेश यादव ने दोनों नेताओं की बातें सुनीं और विवाद को समाप्त करने का प्रयास किया। इस बैठक में राज्यसभा सदस्य जावेद अली, पूर्व विधायक यूसुफ अंसारी, जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव और सांसद प्रतिनिधि खुशनूद अली भी मौजूद थे।

बैठक के बाद माना जा रहा था कि मामला शांत हो गया है, लेकिन कमाल अख्तर के इस्तीफे ने एक बार फिर राजनीतिक चर्चाओं को हवा दे दी है।

बता दें कि कमाल अख्तर को 28 जुलाई 2024 को विधानसभा में समाजवादी पार्टी का मुख्य सचेतक नियुक्त किया गया था। इससे पहले यह जिम्मेदारी विधायक मनोज कुमार पांडेय के पास थी। राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से अलग मतदान करने के बाद मनोज पांडेय ने मुख्य सचेतक पद छोड़ दिया था, जिसके बाद यह जिम्मेदारी कमाल अख्तर को सौंपी गई थी।

--आईएएनएस

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