जयपुर, 25 जुलाई (आईएएनएस)। राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। जिसके चलते भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को राज्य भर में बारिश के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।
शुक्रवार को सिरोही, जोधपुर, बाड़मेर, पाली और जालोर समेत कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई, वहीं माउंट आबू में 195 मिमी (लगभग 8 इंच) बारिश हुई। जोधपुर में मूसलाधार बारिश के कारण कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान में मानसून 27 जुलाई तक सक्रिय रहने की संभावना है, जिसके बाद 28 जुलाई से बारिश की गतिविधि थोड़ी कम होने की संभावना है।
शुक्रवार को दर्ज की गई महत्वपूर्ण वर्षा में माउंट आबू (सिरोही) में 195 मिमी, बापिनी (जोधपुर) में 81 मिमी, करणपुर (श्रीगंगानगर) में 66 मिमी, जवाई (पाली) में 97 मिमी, गढ़बोर (राजसमंद) में 47 मिमी, कुंभलगढ़ में 28 मिमी, देसूरी (पाली) में 38 मिमी, पाली शहर में 27 मिमी, जवाजा (अजमेर) में 52 मिमी, सरवर (अजमेर) में 50 मिमी, कल्याणपुर (बाड़मेर) में 57 मिमी और बालोतरा में 56 मिमी बारिश हुई है।
मानसून के शुरुआती चरण में देरी से शुरुआत और लंबे समय तक सूखे के बाद, हाल ही में हुई बारिश ने राज्य भर में जल स्थिति में काफी सुधार किया है। 2 जुलाई से 40 से अधिक ऐसे बांधों में पानी का प्रवाह शुरू हो गया है जो पहले सूख गए थे। हाल ही में हुई बारिश के बाद दौसा में स्थित मोरेल बांध और टोंक में स्थित मानसागर बांध अब पूरी क्षमता से भर गए हैं।
जयपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने कहा कि अगले दो दिनों तक उदयपुर और जोधपुर डिवीजनों के कुछ हिस्सों में मानसून विशेष रूप से सक्रिय रहेगा। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि बीकानेर, अजमेर, कोटा, जयपुर और भरतपुर डिवीजनों के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी वर्षा की उम्मीद है।
इस बीच, हाल ही में हुई बारिश के बावजूद, मानसून की बौछारों का असमान वितरण चिंता का विषय बना हुआ है। इस मौसम में अब तक केवल पांच जिलों, ब्यावर, बीकानेर, डिडवाना-कुचामन, फलोदी और सालुमबार में ही सामान्य से अधिक वर्षा हुई है।
इस बीच, दौसा, डूंगरपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, करौली, खैरथल-तिजारा, पाली, सवाई माधोपुर, सिरोही और उदयपुर सहित 12 जिलों में कम बारिश जारी है, जबकि मानसून के विलंबित आगमन और मध्य-मौसम के लंबे शुष्क दौर के कारण 27 जिलों में औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है।
--आईएएनएस
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