Malvinder Singh Kang Statement : आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने लोकसभा में पंजाब में फसल विविधीकरण का मुद्दा उठाया, विशेष पैकेज की मांग की

पंजाब के कृषि और सिंचाई सुधार के लिए सांसद कांग ने केंद्र से विशेष पैकेज की अपील की।
आप सांसद मलविंदर सिंह कंग ने लोकसभा में पंजाब में फसल विविधीकरण का मुद्दा उठाया, विशेष पैकेज की मांग की

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को लोकसभा में पंजाब के कृषि और सिंचाई मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए विशेष पैकेज और अतिरिक्त अनुदान देने की मांग की।

सांसद कांग ने पंजाब के देश की खाद्य सुरक्षा में ऐतिहासिक योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब भारत में भोजन की कमी थी, तब पं. जवाहरलाल नेहरू और प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने ग्रीन रिवोल्यूशन की शुरुआत की, जिसमें पंजाब ने पूरे देश के लिए भोजन उपलब्ध कराने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने बताया कि ग्रीन रिवोल्यूशन ने भारत को खाद्य सुरक्षा दी और आज देश के पास पर्याप्त अन्न है, लेकिन इस बदलाव का बोझ पंजाब ने सबसे ज्यादा उठाया। कांग ने कहा कि पंजाब ने देश की खाद्य सुरक्षा में भारी योगदान दिया, लेकिन इसके पर्यावरण और स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव अब साफ दिख रहे हैं। राज्य में भूमिगत जल स्तर बहुत नीचे चला गया है और स्वास्थ्य समस्याएं, जैसे कैंसर और अन्य रोग बढ़ रहे हैं।

सांसद ने कहा कि पंजाब, जो कृषि में एक मजबूत राज्य है, आज अधिकतर ऐसी फसलें उगा रहा है जो इसकी मिट्टी और जल स्थितियों के अनुकूल नहीं हैं, खासकर धान। इसी बीच, देश अभी भी कई आवश्यक वस्तुएं जैसे दालें, फल और सब्जियां आयात कर रहा है।

कांग ने कहा कि पंजाब में फसल विविधीकरण के बहुत अवसर हैं। राज्य पर्याप्त मात्रा में दालें, फल, डेयरी उत्पाद, कपास, मकई, गन्ना और आलू उगा सकता है, ताकि देश को आयात पर निर्भर न रहना पड़े।

आप सांसद ने केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय पैकेज और फसल विविधीकरण व संबंधित अनुसंधान को समर्थन देने के लिए अतिरिक्त अनुदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे पंजाब को फायदा होगा और भारत की कृषि आत्मनिर्भरता भी मजबूत होगी।

कांग ने आम आदमी पार्टी के भगवंत मान सरकार के सिंचाई सुधार प्रयासों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आप सरकार से पहले पंजाब के केवल 21 प्रतिशत खेतों में नहर या नदी का पानी पहुंचता था। आज यह संख्या करीब 78 प्रतिशत हो गई है, जो मान सरकार की सिंचाई मजबूत करने और भूमिगत जल पर निर्भरता कम करने की प्रतिबद्धता दिखाती है।

सांसद ने कहा कि हालांकि पंजाब में कई राज्यों की तुलना में सिंचाई सुविधाएं बेहतर हैं, फिर भी जल वितरण और चैनलाइजेशन में सुधार की काफी गुंजाइश है।

कांग ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पंजाब को कृषि परियोजनाओं, सिंचाई विकास और फसल विविधीकरण संबंधित अनुसंधान में प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, “अगर पंजाब को इस बदलाव में समर्थन मिलेगा, तो यह न केवल राज्य की कृषि को पुनर्जीवित करेगा, बल्कि देश को दाल और अन्य कृषि वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम करने में मदद भी करेगा।”

--आईएएनएस

 

 

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