Pune Martyr Family Job : पहलगाम आतंकी हमले में शहीद संतोष जगदाले की बेटी आसावरी को सरकारी नौकरी, सीएम फडणवीस ने दी बधाई

फडणवीस ने फोन कर दी बधाई, लंबा इंतजार खत्म होने पर मिली सरकारी नौकरी
महाराष्ट्र : पहलगाम आतंकी हमले में शहीद संतोष जगदाले की बेटी आसावरी को सरकारी नौकरी, सीएम फडणवीस ने दी बधाई

पुणे: पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए संतोष जगदाले के परिवार को महाराष्ट्र सरकार का दिया गया आश्वासन आखिरकार पूरा हो गया। शहीद संतोष जगदाले की बेटी आसावरी संतोष जगदाले को पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) में क्लास-2 अधिकारी (प्रशासकीय अधिकारी) के पद पर नियुक्ति पत्र जारी किया गया है। इस खुशी के मौके पर खुद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आसावरी से फोन पर बात की और उन्हें बधाई दी।

संतोष जगदाले, पुणे के निवासी थे, जो अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए दहशतवादी हमले में शहीद हो गए थे। इस हमले में महाराष्ट्र के कई अन्य लोग भी मारे गए थे। घटना के बाद राज्य सरकार ने शहीद परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी का वादा किया था। आसावरी जगदाले को पिछले करीब एक साल से नौकरी का इंतजार था।

इस दौरान उन्होंने कई बार सरकारी अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन प्रक्रिया में विलंब हुआ। फरवरी 2026 में मीडिया में उनकी व्यथा सामने आने के बाद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, सांसद मेधा कुलकर्णी, केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोळ और अन्य नेताओं ने विशेष प्रयास किए। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने पुणे महापालिका आयुक्त नवल किशोर राम को निर्देश दिए थे कि प्रक्रिया तेज की जाए।

नियुक्ति पत्र मिलने के बाद आसावरी ने पत्रकारों से बातचीत में आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का इस कठिन समय में दिए गए समर्थन, मार्गदर्शन और सहानुभूति के लिए हृदय से आभारी हूं।" उन्होंने सांसद मेधा कुलकर्णी, मंत्री मुरलीधर मोहोळ, राजा बराटे और सुशील मेंगडे का भी लगातार प्रोत्साहन के लिए धन्यवाद दिया।

आसावरी ने पुणे महानगरपालिका के आयुक्त नवल किशोर राम, सभागृह नेता गणेश बिडकर और महापौर मंजुषा नागपुरे का विशेष रूप से आभार जताया, जिन्होंने इस नियुक्ति में सहयोग किया। उन्होंने भावुक होकर कहा, "यह मेरे लिए सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है। मैं विनम्रता और दृढ़ संकल्प के साथ इसे स्वीकार कर रही हूं। मेरे पिता की बहुत याद आ रही है। उनकी अनुपस्थिति को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। मैं स्वर्ग से उनके आशीर्वाद की अपेक्षा करती हूं और ईमानदारी, निष्ठा व समर्पण से काम करके उनका नाम रोशन करने का वचन देती हूं।"

--आईएएनएस

 

 

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