
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के सौतेले बेटे प्रतीक यादव का बुधवार सुबह लखनऊ के सिविल अस्पताल में निधन हो गया। वह 38 वर्ष के थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर फैल गई है। प्रतीक यादव समाजवादी राजनीति के चर्चित परिवारों में से एक यादव परिवार का ऐसा चेहरा थे, जिन्होंने राजनीति से दूरी बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई।
प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। साधना गुप्ता की पहली शादी चंद्रप्रकाश गुप्ता से हुई थी, जिनसे प्रतीक का जन्म हुआ था। इसके बाद मुलायम सिंह यादव ने साधना गुप्ता के साथ अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया, जिसके बाद प्रतीक यादव भी चर्चा में आ गए थे। हालांकि राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने कभी सक्रिय राजनीति में कदम नहीं रखा। वह हमेशा राजनीतिक बयानबाजी और सार्वजनिक विवादों से दूर रहे।
प्रतीक यादव की प्रेम कहानी भी स्कूल के समय से शुरु हुई थी। उन्होंने स्कूल में ही अपर्णा यादव को पसंद कर लिया था और 8 साल तक रिलेशनशिप में रहे। इसके बाद 2011 में उन्होंने अपर्णा यादव से शादी की। बताया जाता है कि एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में दोनों की पहली मुलाकात हुई थी। इसके बाद ई-मेल के जरिए दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और रिश्ता गहरा होता गया। शादी के बाद दोनों की दो बेटियां हुईं। अपर्णा यादव राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और सामाजिक मुद्दों पर अपनी अलग पहचान रखती हैं।
जानकारी के अनुसार प्रतीक यादव ने यूनाइटेड किंगडम से पढ़ाई की थी और रीयल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े हुए थे। उन्हें लग्जरी कारों का भी शौक था और उनके पास कई महंगी कारों का कलेक्शन था। बावजूद इसके वह लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते थे।
प्रतीक यादव की पहचान एक फिटनेस प्रेमी और सफल कारोबारी के रूप में थी। लखनऊ में वह ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से जिम चलाते थे, जो युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय भी है। प्रतीक यादव का फिटनेस को लेकर जुनून अक्सर सोशल मीडिया पर भी साफ दिखाई देता रहता था। वह नियमित रूप से अपनी फिटनेस, वर्कआउट और लाइफस्टाइल से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा करते रहते थे।
फिटनेस और बिजनेस के अलावा प्रतीक यादव पशु प्रेम के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने ‘जीव आश्रय’ नाम से एक संस्था बनाई थी, जो स्ट्रीट डॉग्स के रेस्क्यू, इलाज, भोजन और देखभाल का काम करती थी। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में घायल और बेसहारा जानवरों की मदद के लिए उनकी संस्था लगातार सक्रिय रहती थी।
वहीं, देखा जाए तो यादव परिवार हमेशा से उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा है, लेकिन प्रतीक यादव ने अपनी पहचान राजनीति से अलग बनाई। फिटनेस, बिजनेस और सामाजिक कार्यों के जरिए उन्होंने लोगों के बीच अपनी अलग छवि कायम की। उनके निधन से परिवार, करीबी मित्रों और समर्थकों में गहरा शोक है।
--आईएएनएस
