Mumbai Development : महायुति यूनिटी मुंबई के अंतिम छोर तक त्रिस्तरीय विकास सुनिश्चित करेगी: पीयूष गोयल

गोयल ने मुंबई के विकास और महिला सशक्तिकरण पर महायुति सम्मेलन में बात की।
महायुति यूनिटी मुंबई के अंतिम छोर तक त्रिस्तरीय विकास सुनिश्चित करेगी: पीयूष गोयल

मुंबई: केंद्रीय मंत्री और उत्तरी मुंबई के सांसद पीयूष गोयल ने शनिवार को कांदिवली पश्चिम के चारकोप में महायुति कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुंबई के विकास को दोहरे शासन से त्रिस्तरीय परिवर्तन की ओर बढ़ना होगा।

उन्होंने कहा कि समाज सुधारक और महिला शिक्षा की अग्रणी सावित्रीबाई फुले की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ उनकी विरासत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुआ। मंत्री गोयल ने कहा कि फुले द्वारा समर्थित समावेशी प्रगति और महिला सशक्तिकरण की परिकल्पना को पीएम मोदी और सीएम फडणवीस के नेतृत्व में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई), और महाराष्ट्र सरकार की लाड़की बहन योजना जैसी पहलों के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है।

भारत में सुधारों की गति को रेखांकित करते हुए गोयल ने 2025 को 'सुधारों का वर्ष' बताया और आयकर में राहत, जीएसटी 2.0 और ब्रिटेन, ओमान और न्यूजीलैंड के साथ तीन प्रमुख मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) जैसी नीतिगत उपलब्धियों का उल्लेख किया। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार, रोजगार और वैश्विक आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है।

मंत्री गोयल ने इस बात पर जोर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की क्रियान्वयन क्षमता के कारण मुंबई एक ऐतिहासिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति से गुजर रहा है, जो कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में परिलक्षित होती है, जिनमें अटल सेतु (मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक), तटीय सड़क, मेट्रो विस्तार, वधावन बंदरगाह और दिघी औद्योगिक शहर, झुग्गी-झोपड़ी पुनर्विकास पहल, नवी मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा और मेट्रो लाइन 3 (एक्वा लाइन) शामिल हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन व्यवस्थित उन्नयनों से उत्तरी मुंबई आधुनिक आवास, स्वास्थ्य सेवा, खेल, कौशल विकास और शिक्षा अवसंरचना का एक आदर्श बन रहा है, जिससे दीर्घकालिक शहरी विकास की नींव मजबूत हो रही है।

गोयल ने अपने कार्यालय से संचालित उन प्रमुख हस्तक्षेपों की ओर इशारा किया, जिनसे लंबे समय से लंबित विवादों का समाधान हुआ और विकास की बाधाएं दूर हुईं। महाराष्ट्र की संशोधित अधिभोग प्रमाण पत्र योजना- 20,000 भवनों को नियमित करके 10 लाख निवासियों को लाभ पहुंचाया गया।

--आईएएनएस

 

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