जयपुर, 1 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने संसद परिसर के बाहर सांसद पप्पू यादव के प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन को सनातन धर्म का अपमान बताया।
उन्होंने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कल हमें संसद परिसर के पास जो कुछ भी देखने को मिला, उसने संसदीय परंपराओं को तार-तार करके रख दिया। पप्पू यादव ने जिस तरह से सनातन धर्म का अपमान किया, वो निंदनीय है। एक साधु का भेष धारण करके पप्पू यादव ने सनातन धर्म का तिरस्कार किया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। दुख की बात यह रही है कि राहुल गांधी भी इसमें हिस्सा लेते हुए नजर आए।
भाजपा सांसद के मुताबिक, यह पूरा कार्यक्रम साधु संतों को अपमान करने वाला रहा है। संसदीय गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला यह पूरा कार्यक्रम रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इस पूरी घटना की लोकसभा के अध्यक्ष ने भी निंदा की है और हम भी निंदा करते हैं।
उन्होंने विपक्षी दलों के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह दुख की बात है कि विपक्षी दल संसद में होने वाली चर्चाओं में भाग नहीं लेते हैं। जब कभी संसद में किसी अहम विषय पर चर्चा होती है तो विपक्षी दल उसमें हिस्सा लेने की जगह बाहर किसी न किसी प्रकार का ड्रामा करते हुए नजर आते हैं। ये लोग इस तरह का व्यवहार करते हैं, जैसे कोई फैशन शो चल रहा है। आखिर इस देश में क्या हो रहा है। विपक्षी दलों का रवैया लगातार आलोचना के घेरे में है। अब देखना होगा कि ये पूरा सिलसिला कब तक जारी रहेगा।
भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी ने कहा कि जब कभी-भी सत्तापक्ष संसद में चर्चा के लिए अपने कदम आगे बढ़ाता है, तो विपक्षी दलों को कुछ समझ नहीं आता है कि क्या किया जाए। उनके हाथ खाली रह जाते हैं। उनके पास कोई मुद्दा नहीं बचता है। कुल मिलाकर जब बात सार्थक चर्चा की आती है, तो उनके पास कुछ भी बोलने के लिए नहीं होता है। इससे उनका पूरा रवैया राजनीतिक दृष्टि से संदेह के घेरे में ही नजर आता है, जिससे कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संसद के मानसून सत्र में इस बार विपक्षी दलों ने जिस तरह का व्यवहार दिखाया है, वो निंदनीय है, उसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। विपक्षी दलों का रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने पंचायत और निकाय चुनाव को लेकर भी अपनी बात रखी। उनके मुताबिक, इन चुनावों को लेकर विभिन्न प्रकार की समिति का गठन किया चुका है। यह चुनाव हम पूरे दमखम के साथ लड़ेंगे। इस संबंध में हमने पूरी रूपरेखा निर्धारित कर ली है। हम पूरा काम उसी रूपरेखा के आधार पर करेंगे और यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इस रूपरेखा को जमीन पर उतारने की दिशा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त न की जाए। हम इस चुनाव को लेकर पूरी तरह से उत्साहित है। हमें पूरा विश्वास है कि आगामी दिनों में इसकी वजह से एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।
--आईएएनएस
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