Advertisement banner

ओडिशा में उर्वरक की कालाबाजारी पर कार्रवाई तेज, 11,684 दुकानों पर छापेमारी

ओडिशा

भुवनेश्वर, 3 सितंबर (आईएएनएस)। ओडिशा सरकार ने चल रहे खरीफ 2026-27 सीजन के दौरान उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी पर अपनी कार्रवाई तेज कर दी है, जिसके तहत 11,600 से अधिक छापे मारे गए हैं और राज्यभर में सैकड़ों भ्रष्ट डीलरों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

राज्य सरकार ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने उर्वरकों की कालाबाजारी और हेराफेरी से निपटने के लिए शून्य सहिष्णुता की रणनीति तैयार की है जिनके पास कृषि और किसान सशक्तिकरण मंत्रालय का भी प्रभार है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी और घटिया उर्वरकों की आपूर्ति जैसी अनुचित प्रथाओं को रोकने के लिए जिला स्तरीय और ब्लॉक स्तरीय प्रवर्तन दस्ते गठित किए गए हैं।

अधिकारियों ने बताया, "राजस्व विभाग, कृषि विभाग और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों वाली निरीक्षण टीमें और हवाई दस्ते क्षेत्र में गठित किए गए हैं और आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव के आदेश पर विभिन्न थोक और खुदरा उर्वरक दुकानों पर नियमित छापे मारे जा रहे हैं।"

जहां कहीं भी अनियमितता पाई जाती है, वहां उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत तत्काल कार्रवाई की जा रही है। राज्य सरकार ने खुलासा किया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान ओडिशा के विभिन्न जिलों में 11,684 उर्वरक दुकानों पर छापे मारे गए हैं।

इस बीच, 2,774 व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 321 डीलरों द्वारा उर्वरक की बिक्री अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है। इसके अतिरिक्त अनुचित प्रथाओं का सहारा लेने के आरोप में 170 डीलरों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं, जबकि 96 डीलरों के लाइसेंस रद्द कर दिए गए हैं।

इसके अलावा, 12 दोषी डीलरों के पास से उर्वरक का भंडार जब्त कर लिया गया है और उनमें से सात के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पिछले वर्ष, 2025-26 में, 9,017 उर्वरक दुकानों पर छापे मारे गए। 2,373 व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस भेजे गए, 48 डीलरों की बिक्री रोक दी गई और 53 डीलरों के लाइसेंस निलंबित या रद्द कर दिए गए। इसके अतिरिक्त, गंभीर आरोपों के कारण 15 डीलरों से उर्वरक का भंडार जब्त किया गया और नौ लोगों के खिलाफ कानूनी मामले दर्ज किए गए।

प्रत्येक बिक्री केंद्र पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं और घबराने की कोई बात नहीं है। सरकार खरीफ के इस मौसम में उर्वरकों की आपूर्ति को प्रभावी ढंग से विनियमित करने के लिए प्रतिबद्ध है और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल अधिकृत दुकानों से ही नियंत्रित कीमतों पर उर्वरक खरीदें।

अधिकारियों ने पिछले कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में उर्वरक की दुकानों पर की गई बड़ी छापेमारी और दोषी व्यापारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाई के भी जानकारी दी।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी