नई दिल्ली: नीति आयोग में पश्चिम बंगाल से जुड़े दो प्रमुख नामों को बड़ी जिम्मेदारी दी जाने वाली है। अशोक लाहिड़ी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया जाएगा, जबकि गोबर्धन दास को सदस्य बनाया जाएगा। हालांकि अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अशोक लाहिड़ी एक जाने-माने अर्थशास्त्री हैं और आर्थिक नीतियों के क्षेत्र में उनका लंबा अनुभव रहा है। बालुरघाट से वह वर्तमान बंगाल विधानसभा के सदस्य भी हैं। उन्होंने कोलकाता के प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है। इसके साथ ही दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स, एशियाई विकास बैंक, बंधन बैंक और राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान में अनुसंधान से भी जुड़े रहे हैं।
लाहिड़ी इस बार चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। हालांकि चुनाव के बीच में ही उन्हें प्रमुख पद की जिम्मेदारी दी गई है। वे भारत सरकार के 12वें मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) के रूप में कार्य कर चुके हैं।
वहीं, गोबर्धन दास को भी प्रशासनिक और नीतिगत मामलों में काफी अनुभवी माना जाता है। गोबर्धन दास भी चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि वह चुनाव हार गए थे। गोबर्धन दास दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में अपनी सेवाएं देने के बाद आईआईएसईआर भोपाल के निदेशक के रूप में भी काम कर चुके हैं।
इन नियुक्तियों को लेकर आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच इन नियुक्तियों को अहम माना जा रहा है। राज्य से जुड़े दो प्रतिष्ठित व्यक्तियों को नीति आयोग में स्थान दिए जाने को केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अशोक लाहिड़ी, डॉ. सुमन बेरी की जगह लेंगे। जाने-माने अर्थशास्त्री राजीव कुमार के नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद डॉ. सुमन बेरी को इसकी जिम्मेदारी दी गई थी। बेरी एक जाने-माने अर्थशास्त्री हैं। यह पद संभालने से पहले बेरी बेल्जियम के ब्रुसेल्स में एक इकनॉमिक थिंक टैंक से जुड़े हुए थे। वे वर्ल्ड बैंक के चीफ इकोनॉमिस्ट भी रह चुके हैं। बेरी 2001 से 2011 तक नेशनल काउंसिल ऑफ अप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च के डायरेक्टर जनरल रह चुके हैं।
--आईएएनएस
