NCR Air Pollution : एनसीआर में बदलते मौसम और प्रदूषण का दोहरा असर, अस्पतालों में बढ़े मौसमी बीमारियों के मरीज

एनसीआर में वायु प्रदूषण और मौसम बदलाव से स्वास्थ्य को खतरा, मरीजों में बढ़े मौसमी रोग
एनसीआर में बदलते मौसम और प्रदूषण का दोहरा असर, अस्पतालों में बढ़े मौसमी बीमारियों के मरीज

नोएडा: एनसीआर (दिल्ली-नोएडा-गाजियाबाद) में मौसम के लगातार बदलते मिजाज और वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर ने लोगों की सेहत पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। जिला अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों में करीब 50 प्रतिशत मरीज मौसमी बीमारियों से पीड़ित पाए जा रहे हैं।

खासतौर पर उल्टी, दस्त, बुखार, गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और एलर्जी के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 10 से 12 फरवरी तक एनसीआर में मौसम में हल्की धुंध बनी रहने की संभावना है। इस दौरान अधिकतम तापमान 23 से 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 11 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह और शाम हल्की ठंड जबकि दिन में तेज धूप का असर लोगों को बीमार कर रहा है।

वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। दिल्ली के कई इलाकों में एक्यूआई लाल श्रेणी में दर्ज किया गया। आनंद विहार – 317, अशोक विहार – 328, बवाना – 333, नरेला – 344, नेहरू नगर – 316, मंडका – 357 जैसे इलाकों में प्रदूषण बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है। दिल्ली के चांदनी चौक – 291, डीटीयू– 283, पंजाबी बाग – 275, ओखला फेज-2 – 283 और पतपड़गंज – 269 में भी हवा की गुणवत्ता खराब बनी हुई है।

नोएडा में भी स्थिति कुछ बेहतर नहीं है। सेक्टर-125 – 307, सेक्टर-116 – 263, सेक्टर-1 – 236, जबकि सेक्टर-62 – 224 एक्यूआई दर्ज किया गया। गाजियाबाद में प्रदूषण और ज्यादा गंभीर नजर आया, जहां लोनी – 402, इंदिरापुरम – 315, वसुंधरा – 307 और संजय नगर – 275 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक मौसम में अचानक बदलाव, अधिक नमी और प्रदूषण के चलते पेट संबंधी संक्रमण और श्वसन रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतने, मास्क का उपयोग करने, साफ पानी पीने और तली-भुनी चीजों से परहेज करने की सलाह दी है।

--आईएएनएस

 

 

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