नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस) भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन का ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में गर्मजोशी और पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया गया। ऑस्ट्रेलिया की आदिवासी विरासत को दर्शाने वाली विशेष स्मोकिंग सेरेमनी के साथ उनका स्वागत किया गया। इस सेरेमनी के साथ ही उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन इन आस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। इस यात्रा के दौरान कैनबरा स्थित रसेल ऑफिसेज में उनका स्वागत किया गया। गौरतलब है कि स्मोकिंग सेरेमनी ऑस्ट्रेलिया की स्वदेशी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा एक महत्वपूर्ण समारोह है। इस पारंपरिक आयोजन के जरिए अतिथि का सम्मान और स्वागत किया जाता है।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन 9 सितंबर से ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वह ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई फ्लीट कमांडर रियर एडमिरल अनिता विलियम्स से मुलाकात कर चुके हैं। इस दौरान दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच ऑपरेशनल सहयोग पर चर्चा की गई। यहां आपसी तालमेल को मजबूत करने के अवसरों पर भी वार्ता हुई।
एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सिडनी स्थित आस्ट्रेलियाई नौसैनिक अड्डे एचएमएएस कट्टाबुल पर गए। बैठक के दौरान ऑस्ट्रेलियाई नौसेना की बदलती और विकसित हो रही समुद्री क्षमताओं के साथ-साथ भविष्य में बेड़े में शामिल किए जाने वाले नए प्लेटफॉर्म और प्रणालियों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने भारतीय नौसेना और ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के बीच अंतर-संचालन क्षमता बढ़ाने तथा संयुक्त परिचालन गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की। सिडनी स्थित नौसैनिक अड्डे एचएमएएस कट्टाबुल पहुंचने पर एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को एचएमएएस कट्टाबुल का परिचयात्मक दौरा कराया गया। इस दौरान उन्हें नौसैनिक अड्डे के बेड़े से जुड़े बुनियादी ढांचे और परिचालन क्षमताओं के बारे में जानकारी दी गई।
नौसेना प्रमुख की ऑस्ट्रेलिया यात्रा का उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच नौसैनिक सहयोग को और मजबूत करना है। वह रॉयल ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के वरिष्ठ नेतृत्व और ऑस्ट्रेलियाई रक्षा नेतृत्व के साथ बातचीत करेंगे। इन चर्चाओं में समुद्री सुरक्षा, संचालनात्मक सहयोग, दोनों नौसेनाओं के बीच बेहतर तालमेल, सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण और पेशेवर स्तर पर आदान-प्रदान जैसे मुद्दों पर ध्यान दिया जा रहा है। साथ ही समुद्री क्षमताओं और उभरती तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा प्रस्तावित है।
वहीं, कैनबरा में हुआ यह पारंपरिक स्वागत भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते रक्षा एवं समुद्री सहयोग के बीच विशेष महत्व रखता है। दोनों देशों ने हाल के वर्षों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग को लेकर अपने संबंधों को लगातार मजबूत किया है। नौसेना प्रमुख की यह यात्रा इसी बढ़ते सामरिक और समुद्री सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
--आईएएनएस
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