Sabarimala Gold Theft : सबरीमाला सोना चोरी मामले में दो और आरोपियों को मिली वैधानिक जमानत

UP स्कूलों में नवदुर्गा पोस्टर और बालिका सशक्तिकरण का संगम
सबरीमाला सोना चोरी मामले में दो और आरोपियों को मिली वैधानिक जमानत

कोल्लम: सबरीमाला सोना चोरी मामले में गुरुवार को कोल्लम की निचली अदालत ने दो और आरोपियों, पंकज भंडारी और गोवर्धन, को जमानत दे दी।

अभियोजन पक्ष द्वारा निर्धारित समय सीमा के भीतर आरोपपत्र दाखिल न कर पाने के कारण उन्हें वैधानिक जमानत दी गई।

कोल्लम सतर्कता न्यायालय ने उनकी रिहाई की अनुमति देते हुए कहा कि अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने में कोई प्रगति न होने के बावजूद अनिवार्य 90 दिन की रिमांड अवधि समाप्त हो गई थी।

इसके साथ ही, इस मामले में जमानत पाने वाले आरोपियों की कुल संख्या बढ़कर दस हो गई है।

गौरतलब है कि इनमें से आठ लोगों को कानूनी आधार पर रिहा कर दिया गया है, जो प्रक्रियात्मक खामियों को उजागर करता है। इन खामियों के कारण मंदिर के सोने की कथित हेराफेरी से जुड़े इस हाई-प्रोफाइल मामले में अभियोजन पक्ष की कार्यवाही धीमी पड़ गई है।

कर्नाटक के बेल्लारी निवासी आभूषण व्यापारी गोवर्धन ने केरल उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सर्वोच्च न्यायालय का रुख किया था।

हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय ने उस समय हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था। अपनी याचिका में गोवर्धन ने कहा था कि वे भगवान अय्यप्पा के परम भक्त हैं और कथित चोरी में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है।

उन्हें चोरी का सोना खरीदने के आरोप में विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा गिरफ्तार किया गया था।

जांचकर्ताओं को दिए अपने बयान में, गोवर्धन ने स्वीकार किया कि उसने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को कई किस्तों में 1.5 करोड़ रुपए का भुगतान किया था।

उसने दावा किया कि भुगतान सबरीमाला से संबंधित कार्यों के लिए किया गया था और उसे किसी भी धोखाधड़ी के इरादे की जानकारी नहीं थी।

उसने वित्तीय लेन-देन को प्रमाणित करने के लिए दस्तावेज भी प्रस्तुत किए और कहा कि सोने की खरीद सद्भावना से और व्यक्तिगत जान-पहचान के कारण की गई थी।

हालांकि, एसआईटी ने इससे विपरीत रुख अपनाते हुए कहा कि गोवर्धन को पूरी तरह से पता था कि सोना सबरीमाला मंदिर का था और देवस्वम की संपत्ति थी।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर धन के गबन में सहायता की, जिससे धोखाधड़ी को बढ़ावा मिला।

भंडारी चेन्नई स्थित स्मार्ट क्रिएशन्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं, जिन पर सबरीमाला मंदिर से सोने के गबन का आरोप है।

आरोपपत्र दाखिल करने में देरी से अब जांच की गति और प्रभावशीलता पर व्यापक सवाल उठ रहे हैं।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...