इम्फाल: मणिपुर पुलिस ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बीएसएफ के वीर जवान दीपक चिंगखम के छोटे भाई चिंगखम नाओबा सिंह को मणिपुर पुलिस में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (एएसआई) के पद पर नियुक्त किया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।
यह नियुक्ति 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए शहीद दीपक चिंगखम के बलिदान और वीरता को सम्मान देने के लिए की गई है।
वीर चक्र से सम्मानित कांस्टेबल दीपक चिंगखम, बीएसएफ की 7वीं बटालियन में कार्यरत थे। मई में भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुए संघर्ष के दौरान, जम्मू के आर.एस.पुरा सेक्टर के खरकोला बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) पर पाकिस्तान की ओर से ड्रोन हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
10 मई को पाकिस्तान की तरफ से की गई क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग में उन्हें गंभीर चोटें आईं और 11 मई को उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया। उस समय उनकी उम्र महज 25 साल थी।
इम्फाल ईस्ट जिले के निवासी, दीपक चिंगाखम एक समर्पित और बहादुर जवान थे। उन्होंने अप्रैल 2021 में बीएसएफ में भर्ती होकर देश की सेवा शुरू की थी। उनकी वीरता और कर्तव्यनिष्ठा ने न सिर्फ मणिपुर बल्कि पूरे देश को गर्व से भर दिया है।
राज्य सरकार ने पहले ही शहीद दीपक के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की थी। उनके पिता, चिंगखम बोनीबिहारी सिंह, ने कहा, "हमें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है। वह देश के लिए जीया और देश के लिए शहीद हुआ।"
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी कहा, "दीपक चिंगखम हमारी फोर्स के बहादुर जवानों में से एक थे। उनका बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा। पूरी बीएसएफ उनके परिवार के साथ खड़ी है।"