इंफाल: मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में बुधवार देर रात हुई गोलीबारी की घटना के बाद भारतीय सेना ने विद्रोहियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार को सुबह से ही भारतीय सेना, सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस की संयुक्त टीमें इलाके में तलाशी अभियान चला रही हैं।
मणिपुर पुलिस ने जानकारी दी कि 25 मार्च को रात लगभग 11:40 बजे संदिग्ध हथियारबंद कुकी उग्रवादियों ने फौलजांग और गोथोल क्षेत्र में गोलीबारी की। उन्होंने अपनी गोलियों का निशाना फौगाकचाओ अवांग लेईकी में स्थित भारतीय सेना की एक चौकी को बनाया। इस इलाके में तैनात भारतीय सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (58वीं बटालियन) ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए, जिस तरफ से गोलीबारी हो रही थी, उसी तरफ गोलियां चलाईं, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच मुठभेड़ हुई।
पुलिस के अनुसार, यह गोलीबारी लगभग 30 मिनट तक चली। इसके बाद गुरुवार सुबह सेना, सीआरपीएफ, मणिपुर पुलिस और भारतीय रिजर्व बटालियन (आईआरबी) ने मिलकर अभियान शुरू किया। मुठभेड़ वाली जगह और उससे सटे पहाड़ी क्षेत्रों में एक संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
मणिपुर पुलिस ने कहा कि हालात पर लगातार बारीकी से नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बल आस-पास के पहाड़ी क्षेत्रों में अपना अभियान जारी रखे हुए हैं। इसके साथ ही, पुलिस ने आम नागरिकों से अनुरोध है कि वे किसी भी तरह की अफवाहें फैलाने से बचें और किसी भी जानकारी को आगे शेयर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर कर लें।
वहीं, बुधवार को चुराचांदपुर-कांगवाई मार्ग पर सुरक्षा बलों के एक माइन प्रोटेक्टेड वाहन (कैसिपिर) से जुड़ी एक घटना हुई। भारतीय सेना के अनुसार, एक बाइक सवार व्यक्ति नशे की हालत में थे। उनकी बाइक सुरक्षाबलों के वाहन से जा टकराई।
सुरक्षा बलों का वाहन यातायात के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए और पूरी सावधानी बरतते हुए आगे बढ़ रहा था। दोपहिया वाहन पर सवार व्यक्तियों को सिर्फ मामूली चोटें आईं, जो कि त्वचा पर आई हल्की खरोंचों तक ही सीमित थीं। सेना के जवानों ने उन्हें तुरंत चुराचांदपुर के ज़िला अस्पताल पहुंचाया, जहां मेडिकल जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं लगी है। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि वे व्यक्ति नशे की हालत में थे।
हालांकि, इस घटना को लेकर कुछ लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने कथित तौर पर अशांति भड़काने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप सीएपीएफ के वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और सामान्य जनजीवन बाधित हुआ।
--आईएएनएस
