नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्री राम जन्मभूमि मामले की जांच के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया है। एसआईटी में आईएएस विजय विश्वास पंत, आईपीएस किरन एस और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन शामिल हैं।
ऋषिकेश के जगन्नाथ आश्रम के महंत लोकेश दास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "श्री राम जन्मभूमि मामले में 7 करोड़ रुपए के दान से जुड़े आरोप गंभीर हैं। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एसआईटी जांच का आदेश दिया गया है। हम लोग इसका स्वागत करते हैं और कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले जांच के जरिए सच्चाई सामने आनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि जिस तरह से मामले सामने आ रहे हैं, वह सही नहीं है। विपक्ष को भी इस तरह से मुद्दा नहीं उठाना चाहिए। विपक्ष कोई बात समझता नहीं है, बस शोर मचाता है। इससे पहले भी कई मामलों में एसआईटी की जांच की गई थी, जिसमें सच्चाई सामने आई थी। एक बार फिर से सामने आएगी।
राम जन्मभूमि दान गबन विवाद मामले में एसआईटी के गठन पर मंत्री ओपी राजभर ने कहा, "सपा प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आज तक राम मंदिर नहीं गए। क्या वह गए हैं? 500 साल के संघर्ष के बाद भगवान राम का मंदिर बना और वे इसका विरोध कर रहे थे। आप ही बताइए, जब वे अच्छे कामों का विरोध कर रहे हैं तो बुरे कामों के बारे में क्या करेंगे? उनका मकसद सिर्फ विरोध करना है।"
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, "पिछले 60 साल तक कांग्रेस ने देश में राज किया था, लेकिन उन्होंने देश के लिए कोई काम नहीं किया था अब वहीं बोल रहे हैं कि देश में दलितों के साथ अन्याय हुआ है। उस समय राहुल गांधी को ये सब नहीं याद आया था जब वे सत्ता में थे और अब देश में लोगों को गुमराह करने के लिए इस तरह का बयान दे रहे हैं।