पटना, 29 अगस्त (आईएएनएस)। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के कारण काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन की तत्परता से सुरक्षित निकालकर महाराष्ट्र रवाना कर दिया गया। नेपाल से सीतामढ़ी के रास्ते शुक्रवार रात पटना पहुंचे इन तीर्थयात्रियों को शनिवार सुबह ट्रेन से नागपुर के लिए रवाना किया गया।
मुख्य सचिव के रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से बातचीत के बाद यात्रियों की सुविधा को देखते हुए संबंधित ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बे लगाए गए। इसके बाद सभी तीर्थयात्रियों को आवश्यक सहयोग और सुरक्षा प्रदान करते हुए नागपुर के लिए रवाना किया गया। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण उत्पन्न विषम परिस्थितियों में काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों ने महाराष्ट्र सरकार से संपर्क किया था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बिहार सरकार से समन्वय स्थापित किया।
बिहार सरकार के निर्देश और समन्वय के बाद 28 अगस्त को सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से सुरक्षित सीतामढ़ी पहुंचाया। सीतामढ़ी जिला प्रशासन की टीम ने तीर्थयात्रियों को सुरक्षित रूप से एस्कॉर्ट करते हुए नेपाल सीमा से सीतामढ़ी तक पहुंचाया। इस दौरान यात्रियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन की ओर से भोजन, पेयजल सहित अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई।
प्रशासन ने उनकी यात्रा और सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं पर लगातार नजर बनाए रखी। इसके बाद तीर्थयात्रियों को सीतामढ़ी से पटना लाया गया, जहां से शनिवार सुबह उन्हें ट्रेन के माध्यम से नागपुर के लिए रवाना किया गया। रेलवे से समन्वय कर ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित डिब्बों की व्यवस्था किए जाने से यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से आगे की यात्रा करने में मदद मिली।
सुरक्षित वापसी की व्यवस्था से संतुष्ट तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने विषम परिस्थितियों में प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के लिए धन्यवाद दिया। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, इस पूरे राहत एवं बचाव अभियान में बिहार सरकार और जिला प्रशासन ने विभिन्न स्तरों पर प्रभावी अंतर-राज्यीय समन्वय के साथ काम किया।
महाराष्ट्र सरकार से समन्वय स्थापित करने से लेकर नेपाल सीमा से यात्रियों को सुरक्षित निकालने, उनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था करने और फिर उन्हें महाराष्ट्र भेजने तक प्रशासन ने लगातार समन्वित कार्रवाई की। इस अभियान की विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय ने भी सराहना की है। दोनों केंद्रीय मंत्रालयों की ओर से बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा विषम परिस्थितियों में की गई त्वरित कार्रवाई और प्रभावी समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया।
--आईएएनएस
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